स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

वजन घटाकर कर सकती हैं पीसीओएस की समस्या पर नियंत्रण

Vikas Gupta

Publish: May 06, 2019 08:11 AM | Updated: May 05, 2019 16:56 PM

Weight Loss

शोध के मुताबिक भारत में 18-30 वर्ष की महिलाओं में पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

एक शोध के मुताबिक भारत में 18-30 वर्ष की महिलाओं में पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इस उम्र में महिलाओं के शरीर में सेक्स हार्मोंस सक्रिय होते हैं। इनमें असंतुलन से पीसीओएस की समस्या होती है। महिलाओं के शरीर में मुख्यत: एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन सेक्स हार्मोंस सक्रिय होते हैं। इसके अलावा उनमें आंशिक रूप से मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन का उत्सर्जन होता है। कई बार स्त्री की अंत: स्त्रावी ग्रंथियों से इस हार्मोन का उत्सर्जन अधिक होने लगता है जिससे ओवरी में अंडे बनने व उनके बाहर निकलने में रुकावट आती है। ऐसे में कुछ अंडे, गांठ का रूप ले लेते हैं, जिनमें तरल पदार्थ होता है। इस स्थिति को पीसीओएस कहते हैं।

कारण : डायबिटीज, ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल अधिक होने व हृदय रोग के लक्षणों से भी यह रोग हो सकता है। शारीरिक गतिविधियों और एक्सरसाइज की कमी, अनियमित दिनचर्या, मानसिक तनाव, खानपान में अनियमितता, भोजन में मीठे और वसायुक्त पदार्थों की अधिकता व आनुवांशिक कारण आदि इसकी वजह हो सकती हैं।

लक्षण: अनियमित माहवारी, अधिक रक्तस्त्राव, मुंहासे, मोटापा, शरीर के अवांछित हिस्सों पर बालों का उगना, थकान, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा।

सावधानियां : वजन न बढऩे दें। खानपान की आदतों पर शुरुआत से ही ध्यान देना जरूरी है।
जिन्हें पहले से हाई ब्लडप्रेशर व टाइप-टू डायबिटीज की समस्या हो वे डॉक्टर से नियमित चेकअप कराएं और उनके द्वारा निर्देशित दवाओं व खानपान को फॉलो करें।
कोलेस्ट्रॉल अधिक है तो तली-भुनी चीजों व मिठाइयों से दूर रहें। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। मॉर्निंग वॉक व एक्सरसाइज के समय में कटौती न करें।
आजकल युवतियां पीसीओएस की शिकार हो रही हैं। इसकी प्रमुख वजह उनकी खराब जीवनशैली है। फास्टफूड, तनाव, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों का अभाव, टीवी व इंटरनेट पर अधिक समय बिताना इसकी वजह हैं।