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जाते-जाते सावन की लगी झड़ी, पानी भरे मैदान में भींगते हुए स्वतंत्रता दिवस की फायनल रिहर्सल

Krishna singh

Publish: Aug 14, 2019 07:03 AM | Updated: Aug 13, 2019 23:28 PM

Vidisha

जिले में अब तक 566.5 मिमी बारिश हुई, हलाली अब ढाई मीटर खाली

विदिशा. सावन बीतने को है, लेकिन विदिशा शहर और तहसील जोरदार बारिश को तरस रही थी, लेकिन मंगलवार को यह कमी पूरी हो गई। सुबह 9.30 बजे से शुरू हुुई जोरदार बारिश का क्रम दिनभर चलता रहा। शाम तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से पूरा शहर तरबतर हो गया। उधर स्वतंत्रता दिवस समारोह की फायनल रिहर्सल भी थी और पानी भरे मैदान तथा झमाझम बारिश के बीच विद्यार्थियों को अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन करना पड़ा। बारिश का माहौल सुबह से ही बन रहा था और फिर सुबह 9.30 बजे से रिमझिम के साथ कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हुई। यह दौर फिर दिनभर नहीं थमा। बीच बीच में झमाझम बारिश से शहर के तमाम इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और जगह-जगह पानी भर गया। अब तक तेज बहाव को तरसते नालों में भी पानी का बहाव तेज हो गया। बारिश का यह दौर बिल्कुल थमा नहीं और सुबह से शाम तक लगातार बारिश होती रही। इस सीजन की यह पहली जोरदार और अधिक समय तक चलने वाली बारिश रही, जिससे लोगों ने काफी राहत की सांस ली है। क्योंकि अभी तक जिले की हर तहसील में अच्छी बारिश हो चुकी है, जबकि विदिशा तहसील जोरदार बारिश को तरस रही थी, लेकिन अब यह कमी काफी हद तक पूरी हुई है। ऐसी ही बारिश कुछ और दिन हो जाए तो बारिश का कोटा काफी हद तक पूरा हो सकता है। वैसे अभी भादों मास से भी लोगों को बारिश की काफी उम्मीद है। बारिश के दौरान कागदीपुरा क्षेत्र में हमेशा की तरह फिर भारी पानी भरा रहा और दिन भर लोगों को यहां से अपने वाहन निकालने में परेशानी हुई। दुकानों और घरों में भी पानी जा भराया।

झमाझम बारिश में भींगते हुए रिहर्सल
13 अगस्त की सुबह 9 बजे से स्वतंत्रता दिवस समारोह की फायनल रिहर्सल पुलिस ग्राउंड पर रखी गई थी। यहां सैकड़ों विद्यार्थियों का रंगारंग कार्यक्रम भी होना है, इसकी रिहर्सल भी आज थी। पहले परेड हुई, एडीएम वृंदावन सिंह डमी मुख्य अतिथि बने, जिन्होंने ध्वजारोहण किया और फिर परेड की सलामी ली। परेड का निरीक्षण करते समय एसपी विनायक वर्मा और एसडीएम लोकेन्द्र सरल उनके साथ थे। परेड होते समय हल्की फहार शुरू हो गई थी। लेकिन जैसे ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल शुरू हुई और छात्र-छात्राओं का समूह मैदान पर आया, तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में मैदान पानी से भर गया और जोरदार बारिश में भी बिना रुके विद्यार्थी अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते रहे। फिर पानी नहीं रुका।

 

जिले में औसत 1075.5 मिमी बारिश दर्ज
विदिशा जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1075.5 मिमी है, लेकिन मंगलवार की सुबह तक जिले में 566.5 मिमी बारिश हो चुकी थी। इसमें से विदिशा में 469.6, बासौदा में 671.5, कुरवाईमें 590.9, सिरोंज में 617, लटेरी में 561.9, ग्यारसपुर में 606.9, गुलाबगंज में 514.5 और नटेरन में 501.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है।

हलाली ढाई मीटर खाली
उधर सम्राट अशोक सागर सिंचाई परियोजना के नाम से मशहूर हलाली बांध तेजी से भरने की स्थिति में है। इसका फुल टेंक लेवल 459.61 मीटर है, इसमें से यह बांध अब तक 457.10 मीटर भरा चुका है। इस लिहाज से करीब ढाई मीटर पानी की अभी और दरकार है। यदि ढाई मीटर पानी इसमें और भर जाता है तो तीन साल बाद इसकी वेस्ट वियर शुरू होगी।

 

पिपलधार में भी बारिश
पिपलधार. मंगलवार सुबह 8 बजे से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण त्योहार पर लोगों का कहीं आना-जाना नहीं हो पा रहा है। आसपास के गांव में भी बारिश है। धोबीखेड़ा, खजूरी, पट्टन, लाडपुर, अमरपुरा, बेरखेड़ी घाट, भैंरोबाग, इमलिया जागीर आदि गांवो में बारिश होती रही।

बावना नदी उफनी, संपर्क टूटा
हैदरगढ़. मंगलवार को दिन भर जारी रही बारिश से क्षेत्र नदी-नाले उफान पर रहे। बावना नदी के पुल पर बहने से हैदरगढ़ का बेगमगंज, गैरतगंज, विदिशा, ग्यारसपुर और मानोरा से सड़क संपर्क टूटा रहा।

 

मंडीबामोरा: स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर भरा पानी
मंडीबामोरा. क्षेत्र में मंगलवार की सुबह से ही झमाझम बारिश शुरू हुई, तो निचली बस्तियां जहां जलमग्न हो गईं, वहीं स्वास्थ्य केंद्र के चारों तरफ पानी भरा गया। स्वास्थ्य केंद्र की छत से पानी सीधे भवन में अंदर आता रहा जिससे भवन के कक्षों में पानी में फिसलन होती रही। ऐसे में अस्पताल में मरीज और उनके परिजन परेशान होते र हे। सांकरोद, देवली, गंजबासोदा, खुरई सहित अन्य जगहों के रास्ते के नदी-नाले उफान पर होने के कारण मार्ग बंद रहे।

बामौरीशाला में लगातार बारिश
बामौरीशाला. गांव और आसपास के क्षेत्र में मंगलवार सुबह से शाम तक झमाझम बारिश हुई, इससे सड़कें और खेत जलमग्न हो गए। ग्रामीण रोहित शर्मा ने बताया पिछले साल कम बरसात होने से नदी तालाब पूरे भर नही सके थे, लेकिन इस साल अच्छी बरसात से नदी तालाब भर गए है और अब फसल तथा मवेशियों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।