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एसएटीआई पॉलीटेक्निक के कर्मचारी ने की खुदकुशी

Krishna singh

Publish: Aug 19, 2019 06:03 AM | Updated: Aug 18, 2019 23:19 PM

Vidisha

नौकरी की अनिश्चितता से तनाव में हैं अधिकांश कर्मचारी

विदिशा. एसएटीआई पॉलीटेक्निक के एक भृत्य ने सुबह अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों के मुताबिक करीब एक सप्ताह से वे तनाव में रह रहे थे। जानकारी के अनुसार शेरपुरा रामसहाय कॉलोनी निवासी करीब 50 वर्षीय श्यामलाल कुशवाह ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह पॉलीटेक्निक कॉलेज में करीब 27 वर्ष से फायरमेन भृत्य के पद नौकरी कर रहे थे। घर के शेड में उन्हें फांसी के फंदे पर देखा। उनके दोनों पुत्र व परिजनों ने उन्हें फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल लाए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक कर्ज जैसी कोई स्थिति नहीं थी। वे करीब एक सप्ताह से किसी तनाव में थे, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया।

 

कर्मचारियों के पूर्वअध्यक्ष भी रहे
पीएम के दौरान पालीटेक्निक कॉलेज के कर्मचारी बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में मौजूद रहे। कर्मचारियों का कहना रहा कि कुशवाह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पूर्वअध्यक्ष भी रहे हैं। वे मिलनसार व हसमुख थे। दो माह पूर्व उन्हें पेरालायसिस हुआ था। इसमें परिजनों ने काफी राशि खर्चकर उनका उपचार कराया। रक्षा बंधन त्यौहार पर कॉलेज की कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाई। सिर्फ दो-दो हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। पिछले एक माह वेतन अभी भी कर्मचारियों की रुकी हुईहै।

 

नौकरी की अनिश्चितता ने बढ़ाया तनाव
कर्मचारियों के मुताबिक कॉलेज में नौकरी को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। कर्मचाािरयों का कहना है कि कर्मचारियों की छंटनी होने, पुराने कर्मचारियों पर उनकी मार्कसीट न होने, कई पुराने कर्मचारी बिना पढ़े लिखे होने से उनमें नौकरी जाने का डर बढ़ रहा है। इससे कर्मचारी तनाव में आ रहे। वेतन भी एक-दो माह बाद मिल रही। इससे कर्मचारी कर्ज में भी फंस रहे हैं।

 

सात कर्मचारियों से मांगी गई है मार्कसीट
परिजनों का कहना हैकि कॉलेज के सात कर्मचारियों से प्राचार्य द्वारा मार्कसीट मांगी गई है। इन सात कर्मचारियों में श्यामलाल भी शामिल है। परिजनों के मुताबिक 10 दिन पहले इन सातों लोगों को लेटर जारी कर कहा गया कि मार्कसीट प्रस्तुत करें अथवा सेवा समाप्त की जाएगी। इधर कॉलेज प्राचार्य सोनी ने इस संबंध में कहा कि कर्मचारियों की पर्सनल फाइल चैक की गई थी। इसमें इन कर्मचारियों के जन्म संबंधी कोई प्रमाण पत्र नहीं थे। इसलिए फाइल कंपलीट करने एवं कर्मचारी कब रिटायर्ड होंगे यह जानकारी रखने के लिए उनसे जन्म प्रमाण पत्र के लिए मार्कसीट या जन्म संबंधी अन्य कोई भी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। सेवा समाप्ति जैसी किसी तरह की बात नहीं की गई है।

 

पॉलीटेक्निक कॉलेज में कर्मचारियों को जुलाई माह तक की वेतन दी जा चुकी है। नौकरी में अनिश्चितता जैसी कोई स्थिति नहीं है। कुशवाह इस कॉलेज में फोरमेन भृत्य के पद पर थे। खुदकुशी का कोई अन्य कारण हो सकता है।
-आरके सोनी, प्राचार्य, पॉलीटेक्निक कॉलेज