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मासूम की मौत की नहीं हुई पुष्टि, विधायक ने स्वीकृत कर दी आर्थिक सहायता

Govind Saxena

Publish: Sep 15, 2019 11:31 AM | Updated: Sep 15, 2019 18:22 PM

Vidisha

दूसरे दिन भी होती रही आर्यन की तलाश

विदिशा. पीपरहूंठा के नाले में शुक्रवार की शाम बहे 5 वर्षीय आर्यन कुशवाह का शनिवार की रात तक पता नहीं चल सका। वहीं इस हादसे में बहे 16 वर्षीय मनोज कुशवाह की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौके पर पूरे समय मौजूद नायब तहसीलदा प्रमोद उइके ने बताया कि शुक्रवार की रात 12.30 बजे तक रेस्क्यू कर आर्यन को तलाशने का प्रयास हुआ। इसके बाद शनिवार की सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार उसकी तलाश की जाती रही। घटना स्थल के 2-3 किलोमीटर क्षेत्र में उसे तलाशा गया, लेकिन फिलहाल बच्चे का पता नहीं चल सका है। रात को ही कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और एसपी विनायक वर्मा मौके पर पहुंचे थे और रेस्क्यू के लिए जरूरी निर्देश दिए।


जेसीबी की भी मदद ली गई
नायब तहसीलदार उइके ने बताया कि जिस पुलिया के पास हादसा हुआ था वहां जेसीबी की मदद से पत्थर तथा अन्य मलबा हटाकर भी तलाश की गई। वहां झाडिय़ां भी बहुत हैं अब उनको तलाशा जाएगा। एनडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीम ग्रामीणों के साथ लगातार आर्यन को तलाशती रही।


मनोज का अंतिम संस्कार हुआ
उधर ग्रामीण मोहरसिंह ने बताया कि मनोज कुशवाह को बहने से बचा लिया गया था लेकिन जिला अस्पताल में उपचार के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम के उपरांत शव उसके गांव पहुंचाया गया, जहां मनोज का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मोहर सिंह ने बताया कि यह नाला करीब तीन किलोमीटर दूर नेवन नदी में जाकर मिलता है। वहीं तक रेस्क्यू दल ने शनिवार को आर्यन की तलाश की, लेकिन उसे खोजा नहीं जा सका।


ऐसे हुआ था हादसा...
शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे संतोष कुशवाह विदिशा से पीपरहूंठा होते हुए अपने गांव अहमदपुर जा रहा था। उसके साथ 5 वर्षीय आर्यन और 16 वर्षीय मनोज भी बाइक पर थे। पीपरहूंठा पुलिया पर पानी था, जिसमें से बाइक निकालते समय बाइक एक गड्ढे के कारण असंतुलित होकर गिर गई। इस घटना में तीनों बाइक सवार भी गिर गए और देखते ही देखते आर्यन पानी के बहाव में नाले में चला गया, जबकि संतोष और मनोज को ग्रामीणों ने किसी तरह डूबने से बचा लिया। इसके बाद मनोज को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी देर रात मौत हो गई।



इधर विधायक ने स्वीकृत कराई आर्थिक सहायता
विधायक शशांक भार्गव के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि विधायक ने दोनों पीडि़त परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता के लिए सीएम कमलनाथ से बात करा राहत राशि स्वीकृत करा ली है। विधायक भार्गव ने पत्रिका से चर्चा में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पीडि़त परिवारों को 2-3 दिन में राहत राशि मिल जाएगी।

जब उन्हें बताया गया कि जब तक मौत की पुष्टि नहीं हो जाती किसी को मृत घोषित नहीं किया जा सकता और उसके परिवार को मौत के नाम पर आर्थिक सहायता नहीं दी जा सकती, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकारी और माना की उनसे भूल हुई है। गौरतलब है कि पानी में बहे 5 वर्षीय आर्यन का अभी कोई पता नहीं चल सका है। ऐसे में उसकी मौत की घोषणा और राहत राशि स्वीकृत कराना तकनीकी रूप से सही नहीं माना जा सकता।