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बारिश ने आधी से ज्यादा सोयाबीन फसल को किया बर्बाद

Bhupendra Malviya

Publish: Sep 15, 2019 11:43 AM | Updated: Sep 15, 2019 11:43 AM

Vidisha

लगातार बारिश से जिले में आधी से अधिक सोयाबीन फसल बर्बाद हो गई है।

विदिशा। लगातार बारिश से जिले में आधी से अधिक सोयाबीन फसल बर्बाद हो गई है। खेतों में पानी भरा होने एवं तेज बारिश के बीच पौधों से पत्ते-फलियां झड़ गई और सिर्फ डंठल ही शेष रह गए हैं। कुछ गांव में फसल में आई फलियों में अंकुरण निकल आया। किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है।

 

खेतों मे फसल सडऩे लगी है
ग्राम सौजना के किसान प्रहलाद रघुवंशी का कहना है कि उनके गांव सहित आसपास के सभी गांव में सोयाबीन फसल के नाम पर खेतों में सिर्फ डंठल बचे हैं। ज्यादातर किसानों ने कम दिनों वाली सोयाबीन की बोवनी की थी। फसल में फलियां आ चुकी थी लेकिन बारिश के कारण फसल पानी में डूबी रही। इससे फूल फलियां व पत्ते सभी झड़ गए। फसल से अब कोई उम्मीद नहीं रह गई। खेतों मे फसल सडऩे लगी है।

 

इसी तरह ग्राम ग्राम कूल्हा के किसान नरेंद्र रघुवंशी, ग्राम हथियाखेड़ा के रविंद दांगी , ग्राम सौजना के सुरेंद्र दांगी आदि का कहना है उनके खेतों में सोयाबीन फसल को अतिवृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है।

बारिश ने आधी से ज्यादा सोयाबीन फसल को किया बर्बाद

अंकुरित होने लगी फसल
वहीं ग्राम अमऊखेड़ी के किसान संदीप रघुवंशी ने बताया कि उनके क्षेत्र में भी सोयाबीन फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। फसल में लगी फलियां बीज से भरा चुकी थी लेकिन अब फलियों में बीज अंकुरित होने लगे। ऐसे में फसल से अब ज्यादा उम्मीद नहीं है। आसपास के गांव में भी यही स्थिति है। हर तरफ खेतों में पानी भरा है और फसल पीली पडऩे लगी है। उन्होंने बताया कि 60 से 70 दिन तक की फसल हो चुकी थी। एक पखवाड़े बाद कटाई शुरू हो जाती लेकिन लगातार बारिश से खेतों में फसल सडऩे की स्थिति बन रही है।


इन गांव की फसल प्रभावित
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम कागपुर, कनारी, ओलिंजा, अमऊखेड़ी, दीताखेड़ी, देवखजूरी, कोठीचार खुर्द, अंडिया, सुरई मूंडरा, हिनौतिया, गड़ला, धनियाखेड़ी, सौजना, हथियाखेड़ी, मढ़ी, हरजाखेड़ी, मोहनाखेजड़ा, अंडिया, नौघई, पीपरहूटा आदि कई गांव में फसलों की स्थिति खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ। फसल से लागत निकलने की भी उम्मीद नहीं है।


4 लाख हैक्टेयर में है सोयाबीन
जिले में इस बार सोयाबीन का रकबा बढ़कर 4 लाख 43 हजार 115 हैक्टेयर है। जबकि गत वर्ष 3 लाख 25 हजार हैक्टेयर रकबा था। इस बार किसानों ने उड़द की बोवनी में रुचि न लेकर सोयाबीन को महत्व दिया। इससे यह रकबा बढ़ा लेकिन अतिवृष्टि के कारण उनके भरोसे की यह फसल संकट में आ गई है।

यह है खरीफ का रकबा
फसल रकबा हैक्टेयर
सोयाबीन- 443115
धान- 22588
उड़द- 61266
जुवार- 1594
मक्का- 1505
अरहर, मूंग- 692
कुल रकबा- 530760


सोयाबीन की फसल 50 से 60 प्रतिशत खराब हो चुकी है। जबकि फसल नुकसान का सर्वे नहीं किया जा रहा। जिला प्रशासन द्वारा सर्वे का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाना चाहिए। -लाखनसिह मीणा, किसान नेता - बारिश से अभी तक 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान सामने आया है। सर्वे कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद नुकसान की सही स्थिति सामने आ सकेगी।
एएस चौहान, उपसंचालक, कृषि विभाग