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janmashtami 2019 : रोहिणी नक्षत्र और भारी बारिश के बीच मना कृष्ण जन्मोत्सव

Govind Saxena

Publish: Aug 24, 2019 12:16 PM | Updated: Aug 24, 2019 12:19 PM

Vidisha

जोरदार बारिश में भींगते हुए निकली कन्हैया की शोभायात्रा

विदिशा। यह दुर्लभ संयोग ही रहा कि रोहिणी नक्षत्र janmashtami rohini nakshatra मेें अष्टमी और फिर उसके साथ ही बादलों की गर्जन, काली घटाएं और झमाझम बारिश के बीच भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने celebrate का अवसर शहर को मिला। भारी बारिश के बीच कन्हैया के जन्मोत्सव का चल समारोह भी जोरदार निकला। बारिश का जोर भी कृष्ण भक्तों का उत्साह कम न कर सका। भींगते पानी में भी जबरदस्त उत्साह के बीच लोगों ने राधा-कृष्ण के भजनों पर खूब नृत्य किया। उधर कृष्ण मंदिरों में जबर्दस्त धूम रही और देर रात को उत्साह के बीच जन्मोत्सव मनाया गया।

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घरों से दुकानों पर पहुंचे लड्डूगोपाल
सुबह से ही भगवान की पोषाकों की दु़कान पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी। आनंदपूर्ण नजारा था। लोग अपने-अपने घरों से लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं लेकर आ रहे थे और उन्हें दुकानों पर मनपसंद पोषाक पहनाकर सजाकर देख रहे थे। अचल दुबे ने बताया कि लड्डू गोपाल आज अपनी पोषाक पसंद करने आए हैं। वहीं पूजन सामग्री और कन्हैया जी के पट भी गली-चौराहों पर खूब बिके।

 

यादव समाज का भव्य चल समारोह
कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर यादव महासभा ने शहर में भव्य जुलूस निकाला। भारी बारिश के बीच अग्रवाल धर्मशाला से जुलूस पूरे तामझाम, डीजे और नृत्य टोलियों और झांकियों के साथ शुरू हुआ। बारिश के कारण भगवान की मिट्टी से बनी पांच फीट की प्रतिमा को पॉलीथिन से ढंककर खुले ट्राले में निकाला गया। जबकि बाल-गोपालों की झांकियां खुले रथ पर बारिश में भीगते में निकलीं।

 

 

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झांकियां भी आकर्षण का केन्द्र रहीं


खुले ट्राले पर राधा-कृष्ण बने कलाकारों ने जोरदार बारिश के बीच भी उत्साह से नृत्य करते हुए चल समारोह में शामिल यादव समाज तथा शहर के तमाम लोगों में उत्साह भर दिया। शोभायात्रा में कृष्ण लीलाओं से संबंधित विशाल चित्रों के साथ ही राधा-कृष्ण की सजीव झांकियां भी आकर्षण का केन्द्र रहीं। जुलूस बढ़ता गया, बारिश भी बढ़ती गई, लेकिन लोगों के उत्साह में कहीं कमी नजर नहीं आई। चल समारोह में जगदीश यादव, महेन्द्र यादव, शिवराज सिंह यादव, राजेश यादव, बलबीर सिंह यादव, शेरसिंह यादव, धर्मेन्द्र यादव समेत बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग शामिल थे।