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शहीदों की प्रतिमाएं लगाने को जगह नहीं दे पाए तो काहे का सम्मान: रघुवीर चरण

Krishna singh

Publish: Aug 13, 2019 06:03 AM | Updated: Aug 12, 2019 23:29 PM

Vidisha

स्वतंत्रता दिवस समारोह में नहीं जाएंगे स्वतंत्रता सेनानी

विदिशा. स्वतंत्रता सेनानी 96 वर्षीय रघुवीर चरण शर्मा ने इस बार स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में न जाने का फैसला लिया है। वे अपनी सम्मान निधि से मंगाई जाने वाली शहीदों की तीन प्रतिमाओं को अब तक जगह न दिए जाने से नाराज हैं।

 

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय पर होने वाले मुख्य समारोह में स्वतंत्रता सेनानी को बुलाकर उन्हें सम्मानित करने की परम्परा है। उन्हें मुख्य अतिथि द्वारा शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन स्वतंत्रता सेनानी रघुवीर चरण शर्मा ने इस बार कार्यक्रम में शामिल न होने का निर्णय लिया है। शर्मा ने बताया कि वे एक वर्ष पहले शहीद चंद्रशेखर आजाद, सुभाषचंद्र बोस और महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमाएं लगाने के लिए अपनी सम्मान निधि से 6 लाख रुपए दे चुका हूं। लेकिन प्रशासन और नपा आज तक इन शहीदों की प्रतिमाओं को लगाने के लिए जगह चिह्नित नहीं कर सका है।

 

कलेक्टर, विधायक और नपाध्यक्ष सभी से इस बारे में शर्मा कह चुके हैं। लेकिन उनकी इस इच्छा को किसी ने तवज्जो नहीं दी। वे कहते हैं कि जब शासन-प्रशासन शहीदों का ही सम्मान नहीं कर सकता है तो मुझे सम्मानित होने का क्या अधिकार है? वे कहते हैं कि उम्र के इस पड़ाव में शहीदों की प्रतिमाओं को लगाने की इच्छा भी प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरा नहीं कर सकते तो मेरे लिए स्वतंत्रता समारोह में जाकर सम्मानित होने का क्या औचित्य है। गौरतलब है कि स्वतंत्रता सेनानी शर्मा ने अपनी सम्मान निधि से करीब 22 लाख रुपए की राशि शहीद ज्योति स्तंभ, हिन्दी भवन, कन्या महाविद्यालय में निर्माण, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा, स्कूलों में फर्नीचर, पुस्तकालय और चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस और महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के लिए दिए हैं। वे कहते हैं कि प्रशासन और नपा ने वादा करने के बाद भी हिन्दी भवन के लिए राशि नहीं दी और उसके निर्माण की बेगार टाल दी।