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district hospital : नहीं सुधर रही जिला अस्पताल की व्यवस्था, 80 पलग पर 250 मरीज को किया भर्ती

Bhupendra Malviya

Publish: Jul 19, 2019 10:49 AM | Updated: Jul 19, 2019 10:52 AM

Vidisha

ओपीडी में दोपहर दो बजे तक एक हजार से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे।

विदिशा। जिला अस्पताल District Hospital में गुरूवार को काफी भीड़ रही। ओपीडी hospital OPD में दोपहर दो बजे तक एक हजार से अधिक मरीज patient अस्पताल पहुंचे। भारी भीड़ के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं कम पड़ गई। मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ा रहा, जिससे कई घंटे के बाद उन्हें इलाज मिल पा रहा। वहीं भीड़ के कारण अस्पताल की गैलरी से मरीजों का आसानी से निकल पाना मुश्किल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण यह स्थिति बन रही।


सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज ज्यादा
सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त व पेज संबंधी बीमारी के अधिक मरीज आ रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्थाएं सीमित होने और मरीजों की संख्या अधिक हो जाने से परेशानी बढ़ गई है। सुबह 8 बजे से मरीजों का आना शुरू हो गया और दोपहर 12 बजे के बाद तक अस्पताल में काफी भीड़ रही। अस्पताल की गैलरियों से विभिन्न वार्डों के अलावा सोनोग्रॉफी, एक्सरे व पैथोलॉजी जांच के लिए भी मरीजों को जाना पड़ता है लेकिन अधिक भीड़ के कारण डॉक्टर व मरीज दोनों को ही गैलरियों से निकलना मुश्किल होता रहा।

हर जगह लंबी कतार में लगना पड़ा
इस दौरान मरीज को ओपीडी पर्चा बनवाने लंबी कतार में लगना पड़ा। पर्चा बनने के बाद ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के सामने भी लंबी कतार में मरीज लगे रहे। डॉक्टर के देखने के बाद मरीजों को दवा लेने के लिए खिड़की पर कतार में लगना पड़ा। इससे मरीज को अपने इलाज के लिए तीन से चार घंटे तक लग गए।

 

दोपहर 12 बजे दवा मिली
मोहनगिरी निवासी वृद्धा कमला अहिरवार ने बताया कि वह अपनी बहू को दिखाने आई थी। सुबह 9 बजे की आई थी और वह 12 बजे दवा ले पाई। ऐसा ही कहना सुभाषनगर निवासी सुरेश चिढ़ार एवं मांगीलाल रैकवार का कहना रहा। लंबी लाइन के कारण उन्हें उपचार के लिए करीब तीन से चार घंंटे अस्पताल में गुजारने पडा।

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एक हजार से अधिक मरीज आए
गुरुवार को दोपहर दो बजे तक 1 हजार 24 मरीज ओपीडी में आए। शाम तक यह संख्या 1200 तक हो जाने की संभावना जताई गई। जबकि एक दिन पूर्व बुधवार को भी हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आए थे। जबकि ओपीडी में डॉक्टरों की संख्या करीब 7 रहीं। मेडिकल ओपीडी में चार डॉक्टर मौजूद रहे वहीं अस्थि रोग की ओपीडी में तीन डॉक्टर थे। मरीजोंं की अधिक संख्या और डॉक्टर कम होने से दोनों ओपीडी कक्षों के सामने मरीजों की लंबी कतार रही।

80 पलंग पर 250 मरीज
वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी अधिक हो गई है। गुरुवार को मेडिकल वार्ड में कुल 80 पलंगों पर 257 मरीज भर्ती होना बताए गए। पलंगों की संख्या कम पडऩे से अधिकांश मरीजों को भर्ती रहने के बाद भी इलाज लेने के बाद आराम के लिए घर वापस जाना पड़ रहा और दूसरे दिन यह मरीज डॉक्टरों के राउंड के दौरान आकर अपना इलाज जारी रख पा रहे हैं।

वहीं शिशु वार्ड 24 पलंग पर 34 मरीज भर्ती होना बताए गए। वहीं शिशु वार्ड की ओपीडी में भी बच्चों की संख्या बढ़ी है। हर दिन करीब 150 बीमार बच्चे अस्पताल आ रहे हैं। वर्जन मौसम में बदलाव के कारण बीमार बच्चों की संख्या बढऩे लगी है। बीमारी से बचाव के लिए बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाएं, ताजा भोजन कराएं और बाजार की खानपान सामग्री से बच्चों को दूर रखा जाना चाहिए।
डॉ. एमके जैन, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

 


मरीजों के साथ उनके अटेंडर भी अधिक संख्या में आने से अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। इससे डॉक्टरों को भी वार्ड मं राउंड लेने में समस्या आ रही। अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए गेट पास व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। नए अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद कुछ राहत मिल सकेगी।
डॉ. संजय खरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल