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जानिए कब है सावन का पहला सोमवार, जरूर करें इन नियमों का पालन, पूरी होगी मनोकामना

Sarweshwari Mishra

Publish: Jul 20, 2019 17:06 PM | Updated: Jul 20, 2019 17:06 PM

Varanasi

जानिए सावन में कुल कितने पड़ रहे सोमवार

वाराणसी. हिंदू धर्म में सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इस महीने में शिव और पार्वती की विशेष पूजा की जाती है। इसी महीने से कावड़ यात्रा की भी शुरूआत होती है। जिसमें देशभर के लाखों श्रद्धालु हरिद्वार में शिवलिंग पर जल चढ़ाने जाते हैं और सात्विक भोजन करते हैं। वहीं सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व है। हर साल सावन में चार या पांच सोमवार पड़ता है। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। यह 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। श्रद्धालु इस दिन भोलेनाथ का व्रत रखते हैं और उनका विधिवत पूजन करते हैं। इसमें कई सारे कार्य ऐसे होते हैं जो नहीं करने चाहिए।


सावन के सोमवार में करें इन नियमों का पालन
1- सावन के सोमवार वाले दिन सभी को जो व्रत करें या ना करें सभी को कोई भी अनैतिक कार्य नहीं करना चाहिए।
2-बुरे विचार मन में ना लाएं साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें।
3-सावन के सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान का ध्यान करें।
4- इस दिन किसी भी असहाय, गरीब व बड़ों का अपमान न करें।
5- भगवान की शिव की पूजा करने के समय बेलपत्र जरूर रखें।
6- सावन के महीने में बैंगन मत खाएं इसे बैंगन को अशुद्ध बताया गया है।
7-सावन में मांस-मदिरों का सेवन वर्जित है। इसलिए इससे दूर रहें।
8- सावन में किसी भी हरे पेड़-पौधों को न कांटे

इस दिन से शुरू हो रहा सावन का सोमवार
सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को पड़ रहा है। इस दिन रुद्राभिषेक करने से संतान सुख में बाधा नहीं आती है। जिन लोगों की कुंडली में पितृदोष या कालसर्प योग है, उन्हें इस पूजन से शांति मिलेगी।


सावन का दूसरा सोमवार 29 जुलाई को है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत भी रहेगा। इस दिन के रुद्राभिषेक से मानसिक अशांति, गृह क्लेश और स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर हो जाएगी।


सावन का तीसरा सोमवार 5 अगस्त को है। यह अद्भुत मुहूर्त में आ रहा है। यह दिन श्रावण के श्रेष्ठ मुहूर्तों में एक है। इस दिन पूर्णा तिथि है, सोम का नक्षत्र हस्त भी विद्यमान है और सिद्धि योग के साथ-साथ वर्ष की श्रेष्ठ पंचमी यानी नाग पंचमी भी है।


सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 12 अगस्त को है। इस दिन भी सोम प्रदोष व्रत है। इस दिन शिव-पार्वती साथ-साथ पृथ्वी पर विचरण करेंगे। अत: इस दिन रुद्राभिषेक करने से सारे मनोरथ सफल होंगे।