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सेल्फी से हाजिरी योजना का विरोध, शिक्षकों का निजी मोबाइल से कोई सूचना न देने का ऐलान

Ajay Chaturvedi

Publish: Aug 22, 2019 16:21 PM | Updated: Aug 22, 2019 16:21 PM

Varanasi

- सेल्फी से हाजिरी योजना को बताया ये निजता का है उल्लंघन
- शिक्षक दिवस से प्रदेशव्यापी आंदोलन
-बोले शिक्षक नेता सारे काम हमसे कराए जाएंगे और अविश्वास भी हमीं पर
-शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को पहले छात्र-शिक्षक अनुपात का कराएं पालन
-गैर शिक्षण कार्यों से शिक्षकों को करें दूर
-विद्यालयों में मिले सारी बुनियादी सुविधा

वाराणसी. उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिक शिक्षकों की उपस्थिति जांचने को लागू सेल्फी से हाजिरी योजना ने प्राथमिक शिक्षकों को उद्वेलित कर दिया है। इस मुद्दे पर राज्य भर के शिक्षकों ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में एकजुट हो कर विरोध जताने का निर्णय लिया है। इसके तहत पांच सितंबर शिक्षक दिवस से ही प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। साथ ही ऐलान किया है कि सेल्फी तो दूर अब निजी मोबाइल से वो कोई सूचना नहीं देंगे। सेल्फी से हाजिरी को उन्होंने निजता का उल्लंघन करार दिया है।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा को पहले छात्र-शिक्षक अनुपात सही हो

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वाराणसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व काशी विद्यापीठ ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष सनत कुमार सिंह ने पत्रिका संग बातचीत में कहा कि प्रदेश शासन को शिक्षा की गुणवत्ता चाहिए तो पहले हर विद्यालय के लिए छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन कराए। शिक्षकों से गैर शिक्षण कार्य कराना बंद करे। स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए बुनियादी सुविधा का इंतजाम करे। बताया कि प्रदेश भर में कुल 1.13 लाख प्राथमिक और 45, 886 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्राथमिक विद्यालयों में 30 छात्र पर एक और एक स्कूल में न्यूनतम दो शिक्षक अनिवार्य हैं। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 35 छात्रों पर एक और स्कूल में न्यूनतम तीन शिक्षक होने चाहिए। लेकिन हाल ये है कि प्रदेश में फिलहाल करीब साढे तीन लाख शिक्षक कार्यरत हैं।

सारे काम हम करें और अविश्वास भी हमीं पर

शिक्षक नेता ने कहा कि अध्ययन-अध्यापन से जुड़ा हो या नहीं, सारे काम हम करें और हमीं से अविश्वास। किताब-बैग, स्वेटर, ड्रेस सब हम बंटवाएं। 200 रुपये में स्वेटर हम खरीदें जिसका भुगतान साल-साल भर बाद तक न हो और दुकानदार हमसे तगादा करे। क्यों करें ऐसा काम। बताया कि अभी पिछले सत्र के स्वेट का पैसा नहीं आया। अपने मोबाइल और ह्वाट्सएप से सारी सूचना भी दें। नहीं देंगे। निर्वाचन से जुड़ा काम हो या किसी तरह की सूचना जिला प्रशासन को चाहिए तो प्राथमिक शिक्षक हैं और अविश्वास भी इन्हीं पर। अब हमारी निजता पर हमला। अपनी सेल्फी ले कर भेजें, कोई गलत इस्तेमाल हो जाए तो, जिम्मेदार कौन होगा।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें

1-आरटीई के तहत प्रदेश भर में न्यूनतम 6 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक और 5 सहायक अध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक व तीन सहायक अध्यापक की नियुक्ति हो। इस तरह से प्रदेश में कुल 8 लाख 61 हजार 544 शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
2-गैर शिक्षण कार्य यानी अन्य सूचनाएं एकत्र करने की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए
3- पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए
4-प्राथमिक में न्यूनतम वेतन 17,140 रुपये और उच्च प्राथमिक में 18,150 रुपये न्यूनतम निर्धारित हो
5-छठवें वेतन आयोग की विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए
6-प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक परिचारक और सफाई कर्मचारी की स्थाई नियुक्ति हो
7- प्रधानाध्यापको से विद्यालय का ताला खुलवाना बंद हो
8-विद्यालयों में फर्नीचर, बिजली, पंखा, शुद्ध पेयजल और साफ सुथरे शौचालय (वह भी शिक्षक और छात्रों की संख्या के आधार पर) की व्यवस्था हो
9-प्रेरणा एप बंद हो
10-एक परिसर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का संचालन बंद हो
11- ग्रीष्मावकाश की जगह 40 दिन का उपार्जित अवकाश दिया जाए
12-राज्यकर्मियों की तरह हर दूसरे शनिवार को अवकाश घोषित हो
13-राज्यकर्मियों की तरह कैशलेस व एसीटी प्रमोशन योजना लागू हो
14- गैर विभागीय अफसरों-कर्मचारियों से विभागीय निरीक्षण बंद हो

5 सितंबर को बीएसए दफ्तर पर शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस

शिक्षक नेता ने कहा कि प्रेरणा एप सहित अन्य मांगो के समर्थन में प्रदेश भर के शिक्षक, 5 सितंबर को शिक्षक सम्मान बचाओ दिवसमनाएंगे। इसके तहत 12 बजे बीएसए दफ्तर पर पहुंच कर वहीं धरना-प्रदर्शन व सम्मान आदि कार्यक्रम करेंगे। इसके बाद 11 से 13 सितंबर तक प्रदेश भर के जिला मुख्यालय यानी बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शऩ करेंगे। 13 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। बताया कि यह निर्णय संघ की 18 अगस्त को लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया है।

क्या है सेल्फी हाजिरी योजना
बता दे कि शासन की नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को पांच सितंबर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उन्हें पहली बार स्कूल आने पर और दूसरी बार छुट्टी होने पर अटेंडेस लगानी होगी। इसके अलावा स्कूल में होने वाली समस्त गतिविधियों की सूचना भी ऑनलाइन ही देनी होगी। इसके लिए उन्हें अनिवार्य रूप से अपने स्मार्टफोन में 'प्रेरणा' एप डाउनलोड करना होगा। अभी तक प्रयोग के तौर यह योजना प्रदेश के सिर्फ तीन जिलों में चल रही थी। शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं।