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पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए जवानों का पार्थिव शरीर पहुंचा बनारस, नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई

Devesh Singh

Publish: Oct 22, 2019 17:20 PM | Updated: Oct 22, 2019 17:20 PM

Varanasi

39 जीटीसी में दी गयी सशस्त्र सलामी, परिजनों का हाल देख सभी के आंखों से निकल गये आंसू

वाराणसी. पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद देश के वीर सपूतों को पार्थिव शरीर मंगलवार को बनारस पहुंचा। एयर इंडिया के विमान एआई 433 से शहीदों को बाबतपुर एयरपोर्ट पर लाया गया। इसके बाद सेना के वाहन में पार्थिव शरीर को 39 जीटीसी पहुंचाया गया। यहां पर वीर सपूत को सशस्त्र सलामी दी गयी। परिजनों को रोता हुआ देख कर सभी के आंखे नम हो गयी।
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पाकिस्तानी गोलीबारी में 3/9 गोरखा राइफल के गमिल श्रेष्ठा व पदम बहादुर श्रेष्ठा शहीद हो गये थे। दोनों ही वीर जवानों ने 39 जीटीसी में ही ट्रेनिंग ली थी। शहीद गामिल श्रेष्ठा 2017 में ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद उन्हें बार्डर पर भेजा गया था। शहिद गामिल की शादी तक नहीं हुई थी। शहीद पदम बहादुर श्रेष्ठा ने 17 वर्षों तक देश की सेवा की थी और देश की रक्षा करते हुए सीमा पर शहीद हुए थे। शहीद पदम बहादुर श्रेष्ठा की पत्नी के अतिरिक्त एक बेटा व बेटी है।
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शहीद पति का शव देखते हुए बिलख कर रो पड़ी पत्नी
शहीद का शव जब 39 जीटीसी पहुंचा तो वहा का माहौल गमगीन हो गया। सभी को अपने साथी खोने का दु:ख था तो देश के लिए शहीद होने का गर्व भी था। सबसे अधिक हालत परिजनों की खराब थी जो दो दिन से शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे और जब पार्थिव शरीर आया तो उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। शहीद गामिल श्रेष्ठा की मां और भाभी की हालत देख कर पूरा माहौल गमगीन हो गया था। मां बार-बार अपने बेटे को उठाने का प्रयास कर रही थी। बेटे की अभी शादी तक नहीं हुई थी और मां के सारे सपने टूट चुके थे। परिजनों को शहीदका अंतिम दर्शन कराया गया। इसके बाद पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गयी।
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