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अब श्री काशी विश्वनाथ को चढेगा मंडी से खरीदा कच्चा दूध

Ajay Chaturvedi

Publish: Oct 22, 2019 19:28 PM | Updated: Oct 22, 2019 19:28 PM

Varanasi

विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद का फैसाल
मंदिर के अमूल दूध काउंटर होंगे बंद
रामघाट स्थित मेहता अस्पताल को खरीदने की मंजूरी

वाराणसी. श्री काशी विश्वनाथ को अब चढेगा मंडी से खरीदा हुआ कच्चा दूध। यह फैसला मंगलवार को हुए मंदिर न्यास परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक में संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण पर भी मुहर लग गई। इस परिसर में मंदिर को प्रशासन भविष्य में गौशाला के रूप में इस्तेमाल करेगा।

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि न्यास परिषद की बैठक में अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बाबा को अमूल के पैकेट दूध चढाने पर आपत्ति जताई। उऩ्होंने पौराणिक मान्यताओं का हवाला देते हुए कहा कि बाबा को कच्चा दूध ही चढ़ाने की मान्यता है। रुद्राभिषेक में भी कच्चा दूध ही चढ़ाया जाता है जबकि अमूल का दूध कंटामिनेटेड होता है। लिहाजा इसे बंद किया जाना चाहिए। व्यापक विचार विमर्श के बाद न्यास परिषद ने आचार्य द्विवेदी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।

कमिश्नर ने बताया कि फिलहाल बाबा के अभिषेक के लिए मंडी से दूध खरीदा जाएगा उसी दूध से अभिषेक होगा। इस बीच मंदिर से सटे संकट हरण हनुमान मंदिर के अधिग्रहण के बाद उस परिसर को गौशाला में तब्दील कर वहां गाय पाली जाएगी और वहीं का दूध बाबा को चढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंदिर के पास कुछ गायें हैं जिनसे तकरीबन पांच लीटर ही दूध मिल पा रहा है। लिहाजा अभिषेक के लिए मंडी से दूध मंगाने का फैसला किया गया है।

बता दें कि विश्‍वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिछले दिनों मंदिर प्रशासन ने परिसर में ही अमूल दूध का काउंटर खुलवाया था। लेकिन अब मंदिर परिसर में खोला गया अमूल का काउंटर बंद कराया जाएगा।

कमिश्नर ने बताया कि परिषद की बैठक ने रामघाट स्थित मेहता अस्पताल को खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा बाबा को चढ़ने वाले माला फूल निर्माल्य से अगरबत्ती बनाने की योजना को भी हरी झंडी मिल गई है।

न्‍यास परिषद की बैठक में मंदिर के नियमित व आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में विसंगति को दूर करने के लिए वित्त निदेशक की अध्‍यक्षता में समिति गठित की गई। यह समिति दीपावली तक अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद कर्मचारियों का वेतन नए सिरे से तय होगा।

परिषद ने विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए ग्लोबल टेंडरिंग की प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी है। अब यह माना जा रहा है कि धनतेरस को टेंडर निकाल दिए जाएगे। मंदिर के एफएम के बाबत उन्होने बताया कि अभी इसके लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की गई है। लाइसेंस हासिल होने के बाद ही इस पर निर्णय होगा।