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पुलिसकर्मियों के शराब व पशु तस्करी कराने पर डीजीपी ने दिखायी सख्ती, मांगी रिपोर्ट

Devesh Singh

Publish: Sep 16, 2019 12:23 PM | Updated: Sep 16, 2019 12:23 PM

Varanasi

जिलों की सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों की जांच करने का निर्देश, तीन सिपाहियों के जेल जाने से पुलिस विभाग की हो रही किरकिरी

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ एक तरफ भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजने में जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी है जो पशु व अवैध शराब की तस्करी कराने में जुटे हुए हैं। चंदौली पुलिस ने इसी मामले में रामनगर थाना से जुड़े तीन सिपाहियों को जेल भेजा है तभी से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीजीपी ओपी सिंह ने भी प्रकरण को लेकर सख्ती दिखायी है और एडीजी जोन बृज भूषण से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी तरफ आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने सीमावर्ती थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट तलब की है जिससे आशंका जतायी जा रही है कि अन्य पुलिसकर्मियों पर भी इस मामले में गाज गिर सकती है।
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एसपी चंदौली हेमंत कुटियाल खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट पर ही बनारस के तीन सिपाहियों को जेल भेजा जा चुका है जबकि बनारस के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने रामनगर थाना प्रभारी अनूप शुक्ला को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इस मामले की जांच कर रही चंदौली पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गये सिपाही अवैध शराब के साथ पशु तस्करी भी कराते थे। जांच में पता चला कि तस्कर जब पशु से भरे वाहन को लेकर चलते थे तो इसकी जानकारी रामनगर थाना में तैनात कांस्टेबल राहुल मिश्रा को दी जाती थी इसके बाद राहुल हाइवे पर तैनात पुलिस की लोकेशन की लगातार जानकारी पशु तस्करों को देता था जिससे पशु तस्कर आराम से पुलिस को चकमा देकर निकल जाते थे। राहुल को इसके बदले प्रति ट्रक चार से पांच हजार रुपये मिलते थे। चंदौली पुलिस ने जब सिपाही की पोल खोली जो बनारस एसएसपी ने आरोपी को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
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कई पुलिसकर्मियों की जा सकती है नौकरी, इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला पर कसजा जा रहा शिकंजा
पशु व अवैध शराब तस्करी में लिप्त पुलिसकर्मियों की नौकरी तक जा सकती है। दूसरी तरफ रामनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप शुक्ला पर भी जांच का शिकंजा कसता जा रहा है। चंदौली पुलिस ने जब ९ सितम्बर को दो तस्कर संदीप सिंह व दीपक को पकड़ कर पांच लाख की अवैध शराब पकड़ी थी तो तस्करों को छुड़ाने के लिए रामनगर थाना के दो सिपाही वैभव यादव व सोनू यादव मौके पर पहुंचे थे और चंदौली पुलिस से भिड़ गये थे। इसके बाद रामनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप शुक्ला भी सादे वर्दी में वहां पर गये थे। चंदोली पुलिस ने इसकी जानकारी जब एसपी हेमंत कुटियाल को दी तो वह मौके पर आने के लिए निकले थे इसकी भनक लगते ही अनूप शुक्ला वहां से चले गये थे। फिलहाल इस मामले की जांच प्रशिक्षु आईपीएस कर रहे हैं।
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