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सीएम योगी नहीं कर पा रहे पीएम मोदी की योजनाओं को पूरा

Devesh Singh

Publish: Aug 22, 2019 14:45 PM | Updated: Aug 22, 2019 14:45 PM

Varanasi

बजट की कमी नहीं होने के बाद भी योजनाएं नहीं पकड़ी रफ्तार, सीएम योगी का निरीक्षण भी नहीं आ रहा काम

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी की इन योजनाओं को पूरा करने में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। इन योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं है और खुद सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार निरीक्षण् कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं इसके बाद भी योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। गुरुवार को एक बार फि र सीएम का आगमन होना है इस बार देखना है कि योजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री कितना ध्यान देते हैं।
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पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2014 में बनारस का सांसद व देश के पीएम बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने बनारस के विकास के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है। बनारस में 40 हजार करोड़ की योजना शुरू करायी है कुछ योजना तो पूरी हो चुकी है जबकि कुछ योजना लेटलतीफी का शिकार हो चुकी है। पीएम मोदी की जिन योजनाओं में केन्द्र सरकार का सीधा हस्तक्षेप था वह तो समय से पहले ही पूरी हो चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बाबतपुर फोरलेन व पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल है।
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इन योजनाओ ने नहीं पकड़ी रफ्तार
कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष सेंटर का निर्माण
पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ जापान के पीएम शिंजो आबे भी बनारस आये थे और बनारस को कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष की सौगात दी थी। 1200 लोगों के एक साथ रुकने की व्यवस्था वाले इस सेंटर की लागत सैकड़ों करोड़ रुपये हैं, जिसमे जापान का अनुदान 130 करोड़ रुपये है। इस साल तक सेंटर बन जाना था लेकिन अभी तक ढांचा तक खड़ा नहीं हो पाया।
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काशी विश्वनाथ कॉरीडोर
काशी विश्वनाथ कॉरीडोर की प्रगति भी बहुत धीमी है। इसे पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। कॉरीडोर के लिए काफी मकानों का अधिकग्रहण करके उन्हें तोड़ा जा चुका है लेकिन अभी तक कैबिनेट से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है। लोकसभा चुनाव 2019 की अधिसूचना लगने से एक दिन पहले खुद पीएम मोदी ने इस योजना का शिलान्यास किया था और कहा था कि वर्ष २०१४ में अखिलेश यादव की जगह बीजेपी की यूपी में सरकार होती तो आज इस योजना का लोकार्पण हो चुका होता।
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रिंग राड फेज-टू योजना भी पिछड़ी
पीएम नरेन्द्र मोदी की पहल पर ही बनारस को अन्य जिलों से जोडऩ के लिए रिंग रोड व फोरलेन का काम तेज हुआ था लेकिन रिंग रोड फेज टू की बात की जाये तो योजना पिछड़ चुकी है। योजना के तहत हरहुआ से राजातालाब तक रोड बनना है और गाजीपुर रोड से बरियासनपुर गांव से चंदौली तक काम होना है लेकिन अभी तक योजना किसानों को मुआवजा बांटने तक ही सीमित है।
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बीएचयू में दो सौ करोड़ की लागत से बनना है सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
पीएम नरेन्द्र मोदी ने बीएचयू में दो सौ करोड़ की लागत से बनने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की नींव 22 दिसम्बर 2016 को रखी थी। 2019 तक अस्पताल का निर्माण पूरा होना था। मियाद खत्म होने तीन माह बचा है और अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
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स्मार्ट सिटी की रेस में पिछड़ा बनारस
पीएम नरेन्द्र मोदी ने बनारस को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कई योजना चलायी है इसके बाद भी स्मार्ट सिटी की रेस में बनारस पिछड़ गया है। शहर की खस्ताहाल सड़के, सीवर समस्या, ट्रैफिक जाम, अघोषित बिजली कटौती आदि ऐसी समस्या है जो शहर को स्मार्ट सिटी नहीं बनने दे रही है। शहर की सीवर समस्या को लेकर जिला प्रशासन कितना गंभीर है वह वर्षो से शाही नाला की सफाई तक नहीं करा पा रहा है।
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