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वकीलों में ऐसा क्या विवाद हो गया जो जिला जज को करना पड़ेगा हस्तक्षेप

Ashish Sikarwar

Publish: Sep 19, 2019 10:00 AM | Updated: Sep 18, 2019 23:58 PM

Ujjain

न्यायालय परिसर में मीडिएटर हॉल निर्माण का मामला विवादों में घिर गया है। बुधवार को हॉल के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया था, उसको लेकर वकीलों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी।

नागदा. न्यायालय परिसर में मीडिएटर हॉल निर्माण का मामला विवादों में घिर गया है। बुधवार को हॉल के निर्माण के लिए जिस भूमि का चयन किया गया था, उसको लेकर कुछ वकीलों ने न्यायालय के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई थी। अब इस मामले में आखिरी निर्णय जिला सत्र न्यायाधीश श्यामप्रसाद कुलकर्णी पर छोड़ दिया गया है।
बता दें डीजे गुरुवार शाम को नागदा बार एसो. के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों की शपथ विधि में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसी दौरान उन्हें हाइकोर्ट निधि से बनने वाले मीडिएटर हॉल निर्माण कार्य का भूमिपूजन करना था। अध्यक्ष विनोद रघुवंशी ने बताया करीब 45 लाख की लागत से बनने वाले हॉल के लिए कोर्ट परिसर के बीचोबिच वाली जमीन का चयन किया गया है, लेकिन उक्त जमीन को लेकर कुछ वकीलों ने डीजे के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई है। उसके बाद डीजे ने हॉल निर्माण का मामला फिलहाल गुरुवार तक टाल दिया है। रघुवंशी के मुताबिक तय स्थान पर हॉल का निमार्ण होगा या नहीं यह डीजे के नागदा आने और वकीलों से बातचीत के बाद ही तय होगा। बता दें जो जमीन हॉल निर्माण के लिए चुनी गई है, वहां 50 से ज्यादा वकील टेबल कुर्सी लगा रखी है। कई वकीलों ने तो यहां बारिश, धूप आदि से बचने के लिए टीन शेड का भी निर्माण करा रखा है। वकीलों को यहां से हटाए जाने से कोर्ट परिसर में उनके बैठने तक की समस्या खड़ी हो जाएगी।
पदाधिकारियों को दिलाई जाएगी शपथ
इधर रघुवंशी सहित सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को गुरुवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। इसमें डीजे मुख्य अतिथि होंगे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम बुले, खाचरौद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सक्सेना सहित कई न्यायाधीश मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम शाम 7 बजे से सर्किट हाउस पर होगा। अभिभाषक संघ की ओर से पांच वरिष्ठ अभिभाषकों का शॉल-श्रीफल से सम्मान होगा। जूनियर अभिभाषक जिन्होंने अभी-अभी कानून की डिग्री हासिल की है उन्हें संविधान की किताब भेंट की जाएगी।
वकीलों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से की थी शिकायत
कब्जा हटाऐ जाने के बाद कुछ वकीलों ने इसकी शिकायत डीजे से की है। वकीलों का कहना था कि कब्जा खाली करने के बाद कोर्ट में उनके पास बैठने तक की जगह नहीं बची है। वकीलों ने यह भी कहा कि जगह खाली कराने के पहले उनके बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन ऐसा न करते हुए अचानक बुधवार शाम को दो घंटे के शार्ट नोटिस पर जगह खाली करने के आदेश दिए गए। जो न्यायसंगत नहीं है। अगर हॉल बनाना ही है तो पहले उनके बैठने की व्यवस्था की जाए या हॉल का निर्माण कहीं और किया जाए।आज होगा निर्णयअध्यक्ष रघुवंशी ने बताया वकीलों की आपत्ति के बाद मीडिएटर हॉल निर्माण को लेकर सशंय की स्थिति बन गई है। हॉल कहां और कब बनेगा इसका निर्णय डीजे खुद गुरुवार को करेंगे। रघुवंशी ने भरोसा जताया वह सभी वकीलों को मनाने में कामयाब होंगे और गुरुवार को ही जमीन का चयन कर मीडिएटर हॉल निर्माण का भूमिपूजन कर दिया जाएगा।