स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

उज्जैन प्लेटफॉर्म पर कितने सुरक्षित है आप, जरा संभलकर रखें यहां कदम...

Lalit Saxena

Publish: Sep 21, 2019 08:10 AM | Updated: Sep 20, 2019 22:12 PM

Ujjain

रेलवे स्टेशन पर आप कितने सुरक्षित हैं, यह इसी से पता चल जाएगा, कि यहां हर दस कदम पर एक भिक्षुक, एक पागल और यहां-वहां घूमते श्वान जब आपको बार-बार आकर परेशान करेंगे।

उज्जैन. रेलवे स्टेशन पर आप कितने सुरक्षित हैं, यह इसी से पता चल जाएगा, कि यहां हर दस कदम पर एक भिक्षुक, एक पागल और यहां-वहां घूमते श्वान जब आपको बार-बार आकर परेशान करेंगे। कई बार इन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन ये फिर आ जाते हैं। इनके लिए पुलिस भी कई बार डंडे बरसा चुकी है, लेकिन फिर भी इनका आशियाना स्टेशन का प्लेटफॉर्म ही है। इनको यदि अनदेखी कर दिया, तो आपका सामान, मोबाइल, पर्स और अन्य वस्तुएं पलक झपकते ही गायब भी हो सकती है। श्वान आपके पास खाने-पीने की वस्तुओं में मुंह लगाएगा, तो भिक्षुक दूर तक आपका पीछा नहीं छोड़ेगा। पागलों का तो कोई भरोसा ही नहीं है। ये कभी तो सामान्य रहते हैं और कभी बिफर जाते हैं। ऐसे में यदि परिवार साथ है, तो बच्चों को संभालना बेहद जरूरी है।

स्टेशन पर फिर पहले जैसे हालात

पश्चिम रेलवे मजदूर संघ की राष्ट्रीय इकाई का राष्ट्रीय अधिवेशन 17 व 18 सितंबर को उज्जैन में हुआ। इसके लिए व्यापक स्तर पर भव्य तैयारियां की गई। रेलवे स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया, वहीं चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ सुरक्षा की दृष्टि से कड़ी नजर रखी गई। लेकिन आयोजन के संपन्न होने के बाद स्टेशन पर फिर पहले जैसे हालात बनने लगे हैं।

प्लेटफॉर्म नं. 1 पर शाम 5.30 बजे

प्लेटफॉर्म नं. 1 पर शुक्रवार शाम ५.३० बजे यात्रियों की भीड़ जमा थी। तभी वहां श्वान आराम फरमाते नजर आए। कुछ लोग तो उनसे टकराते-टकराते बचे। वहीं थोड़ी दूरी पर एक भिक्षुक झोला-झंडी टांगे हुए यात्रियों से पैसे मांगकर परेशान कर रहा था। इसके आगे चलने पर एक पागल यात्रियों के साथ अपने कपड़े कभी उतार रहा था तो कभी पहन रहा था।

आए दिन होते हैं सामान और पर्स चोरी
स्टेशन परिसर में घूमने वाले असामाजिक तत्वों के कारण आए दिन यात्रियों पर्स व सामान चोरी होने जैसी घटनाएं होती हैं। यहां मौजूद पुलिस भी इन्हें नजरअंदाज कर रही है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को इनके कारण परेशान होना पड़ रहा है।