स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

'पीला सोनाÓ को चट करने में लगा ये कीड़े

rishi jaiswal

Publish: Aug 19, 2019 08:00 AM | Updated: Aug 19, 2019 00:19 AM

Ujjain

बारिश की मार से अन्नदाता परेशान, जलजमाव से सड़ रही हैं फसल

उज्जैन. धरतीपुत्रों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात ये हैं कि पिछले दिनों हुई बारिश अब उनके लिए आफत बन गई है। खेतों में जलजमाव होने से जहां फसलें सड़ रही हैं तो दूसरी ओर अफलन और इल्ली प्रकोप भी बढ़ रहा है। किसानों के मुताबिक अभी बादल छाए हुए हैं। इस कारण इल्ली का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। जल्द ही मौसम नहीं खुला तो उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
माकड़ौन के सामानेरा में फसल पर अफलन व भारी बारिश से आ रहे फूल टूटकर गिर गए हैं। इससे किसानों में मायूसी है। सामानेरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में सोयाबीन में अफलन की स्थिति से किसान मायूस हैं। उनकी शिकायत पर सर्वे के लिए कृषि विस्तार अधिकारी एमएमएस तोमर, ग्रामसेवक अविनाश गुजराती, पटवारी सतीश मोथलिया खेतों में पहुंचे और सर्वे किया।
इंदौख जो उज्जैन जिले के अंतिम छोर पर महिदपुर विधानसभा के अंतर्गत आता है। यहां के किसान भी अफलन से चिंतित हैं। किसान खेत में खड़े होकर फसलों की स्थिति बता रहे हैं व प्रशासन से सर्वे कराने की मांग कर रहे हैं।
पानबिहार के किसान गामा खान ने बताया कि उनकी 7 बीघा की सोयाबीन फसल में फल नहीं आ रहे हैं। फसल पर काफी खर्च हो गया है। मीन गांव के किसान विजय पटेल ने बताया कि हमारी 16 बीघा की सोयाबीन फसल नहीं आया है। हमारे गांव के करीब ४० प्रतिशत किसानों की यही हालात है। किसान फसल को देखकर काफी परेशान हैं। प्रशासन को जल्द सर्वे करवा कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
नागदा-खाचरौद विकासखंड में भी पीले सोने पर उक्ता रोग का प्रभाव खत्म हुआ ही था कि सेमीलुपर (इल्लियां) ने फसल चट करना शुरू कर दी। हालात ये हैं कि कीटनाशक का छिड़काव करने के बावजूद इल्ली प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा। धरती पुत्रों में भय इस बात का है कि इल्ली अफलन की स्थिति निर्मित ना कर दें। क्षेत्र में बीते दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के चलते क्षेत्र में इल्लियों का प्रकोप बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों का तर्क है कि बारिश और बादलों के बने रहने से इल्लियां दो गुना क्षमता से प्रजनन करती है।
घोंसला. यहां गांव सहित करीब 30 गांवों में इल्ली प्रकोप से खेतों में खड़ी सोयाबीन को भारी नुकसान हो रहा है। अच्छी बारिश के बावजूद किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं क्योंकि अधिकांश खेतों में सोयाबीन पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।
५५ दिन की हो गई फसल
उज्जैन जिले में इस वर्ष करीब ४.८२ लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है। बोवनी करीब २४ जून को पूर्ण हो गई थी। इस हिसाब से वर्तमान में फसल करीब ५५ दिन की हो गई है। वर्तमान में फूल व फली बनने की स्थिति है।