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सोशल प्राइड: ये हैं असली हीरो, अपनी जान की परवाह भी नहीं करते

anil mukati

Publish: Aug 19, 2019 06:00 AM | Updated: Aug 19, 2019 00:21 AM

Ujjain

15 वर्ष में 400 से अधिक लोगों को डूबने से बचाकर अनजान लोगों को लौटा चुके हैं खुशियां

उज्जैन. रामघाट पर यदि जितेंद्र कहार और उनके साथी मौजूद हैं तो इस बार की निश्चितता बढ़ जाती है कि यहां आए किसी व्यक्ति की डूबकर मौत नहीं होगी क्योंकि यह असल जिंदगी के हीरो हैं। एेसे हीरो जो बिना किसी स्वार्थ दूसरों की जिंदगी बचाने नदी की लहरों से अपनी जान तक लड़ा देते हैं। जब सफल होते हैं तो बदले में उन्हें मिलती हैं ढेरों दुआएं और किसी परिवार की डूबती खुशियों को बचाने की संतुष्टि।
कहते हैं अपने लिए तो हर कोई जीता है, जो दूसरों के लिए जिए वही असल हीरो और यही काम वास्तविक मानवीयता है। सोमवार को वल्र्ड ह्यूमेनिटेरियन-डे है। यह दिन एेसे लोगों की पहचाने के लिए समर्पित है जो दूसरों की मदद करने में विपरित परिस्थितियों का सामना करते हैं। शहर में भी एेसे कई लोग हैं जो स्वयं से ज्यादा दूसरों के लिए जी रहे हैं। इनमें से ही हैं, कहारवाड़ी निवासी जितेंद्र कहार, संतोष सोलंकी, तेजा कहार, कमल कहार, हुकुम कहार, किशोकर कहार व उनके साथी हैं जो अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाते हैं। वल्र्ड ह्यूमेनिटेरियन-डे पर एक रिपोर्ट-
अब तक 400 से ज्यादा को बचाया
जितेंद्र कहार बताते हैं कि उनके पिता रामघाट पर सेवारत थे तब वे उन्हें भोजन देने यहां आते थे। नदी में ही तैरान सीखा। पिताजी भी लोगों को डूबने से बचाते थे। वर्ष 2004 में जितेंद्र ने सिंहस्थ में सेवा दी और फिर इसके बाद इस कार्य को जारी रखा। वे अमूमन रोज ही सुबह 4 से दोपहर 12 बजे और फिर अपराह्न 4 से रात 8 बजे तक घाट पर ही रहते हैं। उन्होंने व साथी बीते करीब 15 वर्षों में 400 से अधिक लोगों को डूबने से बचा चुके हैं। इसके साथ ही जिले में कहीं भी रेस्क्यु कार्य में उनकी टीम की आवश्यकता होती है वे सेवा देते हैं।
खुशियां देख मिलती है खुशी
अनजान ही सही लेकिन किसी परिवार के व्यक्ति की जान बचाने के बाद परिजनों का जो प्रेम व दुआएं मिलती है, जितेंद्र व उनके साथी इसे ही अपनी कमाई मानते हैं। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने नागपुर निवासी राहुल महाजन नामक युवक की जान बचाई थी। इसके बाद महाजन के परिजनों ने कार्यक्रम कर सभी तैराकों का आभार माना था। एेसी सुखद अनुभव उन्हें कई बार मिल चुके हैं।
15 अगस्त पर हुआ सम्मान
लोगों की जान बचाने व रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने पर इन रीयल हीरो का सम्मान भी हुआ है। इस १५ अगस्त पर टीम के तेजा कहार, हुकुम कहार व किशोर कहार को सम्मानित किया गया।