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इस शख्स को बचाने के लिए पुलिस ने गढ़ी झूठी कहानी

rishi jaiswal

Publish: Aug 19, 2019 08:05 AM | Updated: Aug 19, 2019 00:35 AM

Ujjain

ज्वालेश्वरी ट्रेवल्स की बस में सवार सेना के जवान तेज गति से बस चलाने पर ड्राइवर को पीटने भी पहुंचे थे, लोगों ने किया बीच-बचाव, पुलिस ने महज पौन घंटे में ही बस को निकाल दिया और यात्रियों को भी रवाना कर दिया

उज्जैन. इंदौर फोरलेन पर रैलिंग तोड़ते हुए त्रिवेणी ब्रिज पर लटकी बस में सवार ५० यात्रियों की जान बाल-बाल बची लेकिन घटना में पुलिस को ड्राइवर की बड़ी गलती नजर नहीं आई। अपनी रिपोर्ट में पुलिस बाइक चालक को बचाने में ड्राइवर का बस से संतुलन खोने की बात कह रही है। वास्तविकता में बस तेज रफ्तार दौड़ रही थी। जब बस रैलिंग से टकराकर रुकी तो इसमें सवार आर्मी के कुछ जवान ड्राइवर को मारने भी दौड़े थे लेकिन वह भागने में सफल हो गया। हालांकि मामले में पुलिस की हल्की कार्रवाई के पीछे बस मालिक कांग्र्रेस नेता रवि शुक्ला का होना भी है। इसी के चलते पुलिस ने रैलिंग में फंसी बस को ताबड़तोड़ क्रेन मंगवाकर निकालवा लिया और उसे रवाना भी कर दिया। यहां तक रात ९ बजे तक बस का जब्त नहीं की गई।
नानाखेड़ा पुलिस ने ज्वालेश्वरी ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी १३ पी २०७० के चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने रिपोर्ट में लिखा है कि बस के आगे एक कार और बाइक चल रही थी। बाइक का टायर पंक्चर था और उसका चालक लहराता हुआ चल रहा था। इसके आगे चल रही कार ब्रिज पर रुकी तो बाइक चालक ने भी गाड़ी रोक दी। इस पर पीछे आ रही बस के चालक ने स्टेयरिंग मोड़ा तो वह ब्रिज की रैलिंग में घुस गई। हालांकि पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि ड्राइवर बस को तेज रफ्तार में दौड़ा रहा था। यदि वह धीमी गाड़ी चला रहा होता तो बस बेकाबू होकर ब्रिज की रैलिंग से टकराकर नहीं लटकती है। यही नहीं घटना के बाद घबराए यात्री जब बस में से उतरे तो इसमें सवार आर्मी के जवान ड्राइवर पर नाराजगी जताते हुए मारने भी पहुंचे थे। इससे पहले ही ड्राइवर भागने में सफल हो गया। यात्रियों का कहना था ड्राइवर तेज गति से बस दौड़ा रहा था। भगवान का शुक्र है कि कोई हादसा नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने मामले में इस तरह रिपोर्ट दर्ज कि इसमें बस चालक और बस मालिक को बड़ा नुकसान नहीं हो। पुलिस के ही लोग बता रहे हैं कि बस मालिक कांग्रेस नेता रवि शुक्ला है। घटना के बाद से ही अफसरों के पास फोन आने लगे थे और मामले का जल्द निपटारा की बात कही जा रही थी। इसके पीछे वजह भी थी कि सोमवार को सीएम कमलनाथ शहर आ रहे हैं, ऐसे में घटना को ज्यादा तूल नहीं मिले। यही कारण था कि ब्रिज पर बस रैलिंग टकराने के महज पौन घंटे में ही मौके पर क्रेन बुलवा ली गई और बस को रवाना करवा दी गई।
ब्रिज पर लगी रही भीड़
हादसे के बाद भीड़ जमा हो गई। वहीं इंदौर से आने वाले वाहन भी रुक गए। पौन घंटे तक ब्रिज पर मजमा लगा रहा।