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दो दिन की राहत के बाद फिर बरसे बादल

Mukesh Malavat

Publish: Sep 20, 2019 08:02 AM | Updated: Sep 20, 2019 00:27 AM

Ujjain

45 मिनट में दो इंच बारिश, निचली बस्तियां फिर हुई जलमग्न

नागदा. दिनभर उमस के बाद गुरुवार को एक बार फिर झमाझम बारिश से शहर का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित कर दिया। दो दिनों से बारिश थम जाने से लोगों का जीवन पटरी पर लौटने लगा था, लेकिन अपराह्न करीब 4.45 बजे अचानक गरज और चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग 45 मिनट में करीब 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की है।
तेज बारिश के कारण निचली बस्ती 56 ब्लॉक, 64 ब्लॉक, चेतनपुरा एवं बिरलाग्राम के टापरी वाले कुछ क्षेत्रों में गंदे नाले का पानी भर गया। शहर की सडक़ों पर इतना पानी जमा हो गया की लोगों को चलने में परेशानी हो रही थी। पुराने बस स्टैंड, जवाहर मार्ग, महावीर मार्ग, सिंधी कालोनी समेत कई क्षेत्रों में तो घुटने-घुटने तक पानी भर गया। सडक़े तालाबों में तब्दील नजर आई। शहर में बारिश का आंकड़ा इस वर्ष 77 इंच पहुंच चुका है, जो अब तक का सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। चेतनपुरा बना टापू तेज बारिश के कारण एक बार फिर शहर के एक क्षोर पर स्थित चेतनपूरा टापू में तब्दील हो गया। यह क्षेत्र तीन तरफ बनबना तालाब से निकलने वाले खाल से घिरा हुआ है। गुरुवार को हुई जोरदार बारिश से चेतनपुरा को शहर से जोडऩे वाली तीनों पुलिया खाल के पानी से डूब गई, जिससे यहां रहने वाले लोगों का संपर्क शहर से टूट गया। हालांकि कुछ लोग जान हथेली पर लेकर खाल के तेज बहाव के बाद भी पुलिया को पार करते नजर आए, लेकिन इनको रोकने के लिए पुलिस एवं प्रशासन का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर दिखाई नही पड़ा।
गंदे नाले में पानी के साथ तेल मिलने की शिकायत
तेज बारिश के कारण उद्योग से निकलने वाले गंदे नाले का पानी निचली बस्तियों में फैल गया था। लोगो ने देर शाम को अनुविभागीय आरपी वर्मा से शिकायत की कि नाले का पानी जो उनके घरो के सामने जमा हो गया है उसमें तेल जैसे पदार्थ मिला हुआ है और उसमें से तेल की गंध आ रही है। अनुविभागीय ने शिकायत पर गफ्फुर बस्ती जाकर निरिक्षण भी किया। अनुविभागीय ने बताया लोगों की शिकायत सही पाई गई है। नाले के पानी के साथ तेल जैसा पदार्थ बह रहा था। अब यह जांच का विषय है कि आखिरकार नाले के पानी में तेल किसने बहाया है।