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महाकाल मंदिर: चलायमान दर्शन व्यवस्था में जल-दूध भी चढ़ा सकेंगे भक्त

Lalit Saxena

Publish: Sep 20, 2019 07:20 AM | Updated: Sep 19, 2019 21:43 PM

Ujjain

Ujjain News: - कार्तिकेय मंडपम से निकलने वाले श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले जल-दूध को पात्रों में करेंगे इकट्ठा, भस्म आरती बाद करेंगे प्रवाहित

उज्जैन. महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रबंध समिति तैयारियों में जुट गई है। इसे लेकर प्रतिदिन गहन मंथन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कार्तिकेय मंडपम् से होकर निकलने वाले श्रद्धालु अपने साथ लाए दूध और जल को वहां रखे पात्र में चढ़ा सकेंगे। भस्म आरती के शुरुआती समय में जब हरिओम का जल चढ़ाया जाता है, तब तक तो यहां से भक्तों द्वारा चढ़ाया जाने वाला जल-दूध प्रवाहित होता रहेगा, फिर जब आरती की तैयारी शुरू होगी और जल चढऩा बंद हो जाएगा, तब ऐसी स्थिति में जलपात्र में उसे एकत्र कर लिया जाएगा और भस्म आरती के बाद उसे वहां से प्रवाहमान किया जाएगा, जो सीधे शिवलिंग पर अर्पण होगा।

चलायमान व्यवस्था एक-दो दिन में शुरू होने की संभावना
भस्म आरती की चलायमान व्यवस्था एक-दो दिन में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। नंदी हॉल और गणेश मंडपम् में बैठने वाले भक्त जहां दो घंटे सतत बाबा को निहारेंगे, वहीं कार्तिकेय मंडपम् से होकर चलने वाले श्रद्धालुओं को भी बाबा की झलक पाने का सौभाग्य मिल सकेगा। इसके लिए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तैयारियां और मंथन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कार्तिकेय मंडपम् से होकर निकलने वाले भक्तों को जल-दूध अर्पण करने का अवसर भी प्राप्त हो सकेगा। वे अपने साथ लाए गए जल-दूध को पात्र में डालेंगे और हरिओम जल के साथ ऊपर से पाइप के माध्यम से आने वाला जल-दूध भी अर्पण हो जाएगा। इसके बाद भस्म आरती पूर्ण होने के बाद पात्र में एकत्रित जल-दूध को वहां से प्रवाहमान किया जाएगा।

ऐसी रहेगी चलायमान व्यवस्था
यदि सबकुछ ठीक रहा और चलायमान व्यवस्था शुरू हो जाती है, तो नंदी हॉल और गणेश मंडपम में अनुमति प्राप्त श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से बैठाया जाएगा। बॉलकनी में कार्तिकेय मंडपम से चलायमान व्यवस्था रहेगी, जिसके तहत आम श्रद्धालुओं को जिगजेक से चलाते हुए निर्गम द्वार की तरफ निकाला जाएगा। इसके लिए उन्हें न तो परमिशन लेना होगी, न ही किसी से गुजारिश का मोहताज होना पड़ेगा।

भस्म आरती की चलायमान दर्शन व्यवस्था बहुत जल्द शुरू करने वाले हैं। इस व्यवस्था के तहत आम भक्त जल-दूध भी बाबा को अर्पण कर सकेंगे। इसके लिए पात्र रखा जाएगा।

- एसएस रावत, प्रशासक महाकाल मंदिर समिति।