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उज्जैन में हादसा...दोस्तों के सामने ही मौत के मुंह में समा गया

Jitendra Singh Chouhan

Publish: Aug 19, 2019 07:00 AM | Updated: Aug 19, 2019 00:24 AM

Ujjain

कालियादेह पैलेस पर सूर्य मंदिर के सामने वाली साइड में शिप्रा नदी के झरने किनारे खड़ा था युवक, अचानक तेज बहाव में बह गया, दोस्तों को भी पहले समझ नहीं आया क्या हुआ

उज्जैन. कालियादेह पैलस पर रविवार को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया एक युवक की क्षिप्रा नदी में डूब गया। घटना के वक्त युवक दोस्तों के संग किनारे पर खड़ा था अचानक उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में फंस गया। जब तक आसपास के लोग व दोस्त समझते वह बहकर आगे निकल गया। १५ से २० मिनट की तलाशी के बाद युवक की लाश मिली।

केडी पैलस पर क्षिप्रा नदी में डूबा युवक अब्दुल अतीक (१८) पिता अब्दुल खलीक निवासी बिलोटीपुरा दानीगेट है। भैरवगढ़ पुलिस ने बताया कि वह अपने भाई और दोस्तों के साथ कालियादेह पैलस गया था। शाम ५ बजे के करीब वह सूर्य मंदिर के सामने वाली साइड पर नदी किनारे दोस्तों के साथ खड़ा था। अचानक से उसका पैर फिसलने से वह नदी में गिरा और तेज बहाव में बह गया। जिस वक्त घटना हुई उस समय आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अब्दुल अतीक के दोस्त और उसके भाई भी पास में थे लेकिन उसके बहते वक्त किसी को कुछ समझ नहीं आया। हालांकि अतीक ने शोर भी मचाया लेकिन भीड़ के कारण समय रहते कोई कुछ नहीं कर पाया। यहां तैनात पुुलिस को जैसे ही सूचना मिली तो स्थानीय लड़कों के साथ नदी पहुंचे। करीब १५ मिनट तक तलाशी के बाद युवक की लाश मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल पहुंचाया।

दो-तीन युवकों के डूबने की उड़ी अफवाह
केडी पैलेस पर जिस समय युवक डूबा उस दौरान दो-तीन अन्य युवकों के डूबने की सूचना भी पुलिस को मिली। इस पर पुलिस ने नदी किनारे आसपास के क्षेत्र की तलाश भी की लेकिन कोई नहीं मिला। बाद में पता चला कि अफवाह उड़ गई थी।

नदी में तेज बहाव फिर भी नहीं मानते युवा
चारो तरफ बारिश तथा क्षिप्रा नदी में पानी के चलते केडी पैलेस रमणीय स्थल बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में युवा पहुंच रहे हैं। क्षिप्रा नदी को झरने के रूप में बहता देख लोग इसमें उतर जाते हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात की गई। पुलिस वाले ही बता रहे हैं कि युवकों को नदी में नहीं उतरने की अपील की जा रही है लेकिन कोई मानता नहीं है। वर्तमान में नदी में तेज बहाव भी बना हुआ है, यहां पत्थर भी हैं। ऐसे में अगर जरा-सा भी लापरवाही होती है तो दुर्घटना में बदल जाती है। लेकिन यहां आने वाले युवा सुनने को तैयार नहीं है