स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

'कुतिया काटती नहीं, केवल शिकायतकर्ता पर भौंकती है'

pankaj vaishnav

Publish: Jan 16, 2020 02:14 AM | Updated: Jan 16, 2020 02:14 AM

Udaipur

सरकारी पोर्टल पर 'अजब शिकायत का गजब जवाब', वल्लभनगर पंचायत समिति की ढावा पंचायत का अनूठा किस्सा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वाकया

भीण्डर . वल्लभनगर पंचायत समिति की ढावा ग्राम पंचायत का अनूठा वाकया सामने आया है। गांव के एक व्यक्ति ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर अजब शिकायत की, जिसका ग्राम विकास अधिकारी की ओर से भी गजब जवाब सामने आया है। गांव में एक आवारा कुतिया की ओर से लोगों को काटने की शिकायत की गई। इस पर ग्राम विकास अधिकारी ने लिखा कि 'कुतिया किसी को काटती नहीं, परिवादी ने कुतिया को मारा, इसलिए कुतिया केवल शिकायतकर्ता को देखकर भौंकती है, अत: प्रकरण निस्तारण योग्य हैÓ।
गांव के प्रहलाद कीर ने 20 नवम्बर 2019 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत की गई। जिसमें लिखा कि गांव में एक आवारा कुतिया है, जो आते-जाते लोगों को काटती है। शिकायत के करीब दो माह बाद 15 जनवरी को जवाब भी पोर्टल पर अपलोड किया गया। जिसमें लिखा है- 'ग्राम विकास अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इस प्रकरण के संबंध में लोगों से जानकारी ली गई तो पाया गया कि कुतिया किसी को नहीं काटती है। बच्चे भी उस रास्ते से निकलते हैं मैं स्वयं भी उसी रास्ते से जाता हूं, लेकिन कुतिया किसी को नहीं काटती। गांव के लोगों के समक्ष मौके पर जांच की गई। उनके हस्ताक्षर साथ में संलग्न है, अत: प्रकरण निस्तारण योग्य है।Ó इससे एक दिन पहले ग्राम विकास अधिकारी ने विकास अधिकारी को रिपोर्ट दी, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया कि 'शिकायतकर्ता की ओर से कुतिया को मारा गया, जिससे वह शिकायतकर्ता को देखकर ही भौंकती है'।

तारीख में भी चूक

ग्राम विकास अधिकारी की ओर से बीडीओ को दिए पत्र में तारीख भी गलत अंकित की गई। इसमें 14 जनवरी के साथ में वर्ष 2020 के बजाए 2019 लिख दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पत्र पूरा जवाब नहीं है। मेरे द्वारा दिया गया जवाब संपर्क पोर्टल पर दिख रहा है।
मलकेश मीणा, ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत ढावा
वायरल हो रहा जवाब बिल्कुल गलत है। संपर्क पोर्टल वाला जवाब पूर्ण रूप से सही है।

उपेंद्र कुमार शर्मा, विकास अधिकारी, पंचायत समिति भीण्डर

[MORE_ADVERTISE1]