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महिला संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर को एसीबी ने घूस लेते क‍िया गिरफ्तार, रि‍श्‍वत नहीं देने पर दी थी धमकी

Madhulika Singh

Publish: Sep 17, 2019 12:17 PM | Updated: Sep 17, 2019 13:38 PM

Udaipur

संविदा कम्प्यूटर कर्मी सरिता त्रिपाठी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने र‍िश्‍वत लेते किया गिरफ्तार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय में 3 वर्ष से थी तैनात

उदयपुर. मधुवन स्थित जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय में कार्यरत संविदा कम्प्यूटर कर्मी सरिता त्रिपाठी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सोमवार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। आरोपी ने रिश्वत की राशि निजी स्कूल संचालक का आरटीई के तहत बिल भुगतान की एवज में ली। रिश्वत नहीं देने पर उसने प्रार्थी को स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की धमकी दी थी जिस पर उसने एसीबी को शिकायत कर संविदाकर्मी को ट्रेप करवा दिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि खेरवाड़ा निवासी राजेन्द्र कुमार पुत्र अमृतलाल का छाणी में आलोक पब्लिक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। 2018-19 में शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत प्रवेश पर राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले भुगतान का करीब 50 हजार का बिल बकाया था। बार-बार कार्यालय में जाने के बावजूद संविदाकर्मी सरिता ने बिल अटकाए रखा और लगातार रिश्वत की मांग की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एसीबी टीम ने ज्योति नगर न्यू शोभागपुरा निवासी सरिता पुत्री शशिकांत त्रिपाठी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।

गैर जिम्मेदार हाथों में महत्वपूर्ण काम

प्रारंभिक कार्यालय में संविदाकर्मी सरिता को निजी स्कूलों की मान्यता और लाखों रुपए के आरटीई बिल भुगतान संबंधी काम दे रखे थे। पहले एलडीसी के पास यह काम था जिसके प्रमोशन के बाद यह चार्ज अधिकारियों ने किसी दूसरे बाबू को देने के बजाय संविदाकर्मी को थमा दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार आरोपी किसी को भी उसके टेबल पर रखे कागज तक को हाथ लगाने नहीं देती थी।

कार्रवाई से मचा हडक़ंप

इसी कार्यालय में पहले में भी एक यूडीसी को रिश्वत लेते पकड़ा गया था। सोमवार को हुई इस कार्रवाई से विभाग मे हडक़ंप मच गया। एसीबी ने सभी को प्रथम तल से नीचे उतार दिया और आरोपी सरिता से पूछताछ की। सूचना पर आरोपी महिला के परिजन और संगठन के कुछ लोग पहुंच गए लेकिन वह चुपचाप चले गए।