स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दुर्घटना में सरकार की बला से कोई भी मरे, जिम्मेदार बेपरवाह, बॉर्डर पर एक हजार अवैध वाहन छका रहे सरकारी एजेंसियों को

Mohammed Iliyas

Publish: Aug 20, 2019 13:22 PM | Updated: Aug 20, 2019 13:22 PM

Udaipur

दुर्घटना में सरकार की बला से कोई भी मरे, जिम्मेदार बेपरवाह, बॉर्डर पर एक हजार अवैध वाहन छका रहे सरकारी एजेंसियों को

दुर्घटना में सरकार की बला से कोई भी मरे, जिम्मेदार बेपरवाह, बॉर्डर पर एक हजार अवैध वाहन छका रहे सरकारी एजेंसियों को
मोहम्मद इलियास/उदयपुर
गुजरात व मध्यप्रदेश में मजदूरी के लिए अंचल के सीमावर्ती क्षेत्र से जाने वाले आदिवासी एवं गरीब तबके के लोग सरकारी परिवहन सेवाओं का किराया अधिक होने से मजबूरी में अब भी अवैध ओवरलोड वाहनों में सफर कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। राज्य सरकार व परिवहन विभाग की ओर से दुर्घटनाओं को रोकने चलाए गए अभियान व वाहनों की धरपकड़ से न तो ओवरलोड वाहन रुके और ना ही अवैध वाहन। राज्य सरकार के आदेश पर परिवहन विभाग की टीम के अलावा राजस्थान पत्रिका की टीम ने प्रदेश के सीमावर्ती गांव से इन अवैध वाहनों के संचालन व कारणों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उदयपुर-गुजरात जिले से सटे खेरवाड़ा, केसरियाजी, झाड़ोल, फलासिया, कोटड़ा क्षेत्र में 800 से ज्यादा अवैध वाहनों का संचालन सामने आया। इनमें किराया व टैक्सी के वाहनों की संख्या अधिक है। ये वाहन तीनों ही राज्यों में महज 100 किलोमीटर की दायरे में दौड़ रहे हैं। इनका किराया सरकार से अनुबंधित वाहनों से आधा है। 15 सवारी की क्षमता वाली टैक्सी में 40 से ज्यादा लोग सफर करते हैं। अवैध वाहनों का किराया 50 किलोमीटर के लिए महज 30 रुपए है जबकि रोडवेज बस का किराया 65 रुपए होना सामने आया है।-- राज्यों में छूट मिले तो हो सफर आसन - अन्तरराज्यीय सीमा क्षेत्र के 50 से 60 किलोमीटर के दायरे में टैक्स (यात्री वाहनों) में छूट मिले तो सफर आसान हो सके।- स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक परिवहन सेवा को मजबूत हो ताकि आदिवासियों को रोजगार मिल सके। - जिला मुख्यालय से दूर कस्बों व गांवों में आदिवासी युवाओं को व्यावसायिक वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षण व लाइसेंस का अभियान चलाया जाए।

परिवहन सेवा से वंचित गांव
गिर्वा - जाबला गोगुन्दा -मजावड़ी झाड़ोल - कड़ा, पीलकखेरवाड़ा -भांडा, खेराघाटी, पेगराकलाकोटड़ा - बाखेल, डांग, जूना पड़ार, काउचा, मांडवल, मेडी, नयावास, निचली सुबड़ी, सावन का क्यारा, वागावतफलासिया - अमिवाड़ा, धरावण, जेटावाड़ा, कावेल, खराडिय़ा, सराडि़तऋषभदेव- गड़ावन, नाला पीपलासराड़ा - भलारिया, खराबारसेमारी - बना कला, उपला फला सदकड़ी

जिले में इन मार्गोंपर अवैध वाहन
- खेरवाड़ा, केसरियाजी - झाड़ोल, फलासिया - कोटड़ा उपखंड क्षेत्र के विभिन्न मार्ग - गुजरात राज्य की सीमा से सटे सभी मार्ग वाहन संख्या टैक्सी 22 मैक्सी कैब 117 किराए के 650

जनजाति बहुल इलाके के लोगों को सस्ते व सुलभ परिवहन के साधन उपलब्ध करवाएं। उन्हें प्रचार कर बताएं कि ये वाहन आपकी सुविधा के लिए है। मजदूर पेशा को ले जाने वाले इन वाहनों को दो राज्यों के टैक्स में छूट दी जाए ताकि इन वाहनों को सही उपयोग होकर दुर्घटनाओं में कमी आ सके। अर्जुनलाल मीणा, सांसद उदयपुर