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फाेेेेेर्ब्स ने उदयपुर के न‍िति‍न को द‍िया थर्टी अंडर थर्टी सम्‍मान, आईआईटी खडग़पुर ने भी किया सम्मानि‍त

Madhulika Singh

Publish: Sep 11, 2019 12:33 PM | Updated: Sep 11, 2019 12:33 PM

Udaipur

उदयपुर के ऑनलाइन एप निकी के को-फाउंडर न‍ित‍िन बाबेल को यंग अल्मनाई अचीवर अवार्ड, फाेेेेेर्ब्स और आईआईटी खडग़पुर ने किया सम्मानित

उदयपुर . भारत में आमजन के लिए ऑनलाइन पेमेंट एप ‘निकी’ तैयार करने वाले समूह के को-फाउंडर नितिन बाबेल को फाेेेेेर्ब्स और आईआईटी खडग़पुर ने सम्मानित किया है। उदयपुर निवासी बाबेल को फाेेेेेर्ब्स ने अंडर थर्टी में शामिल कर सम्मानित किया है। बाबेल को उनकी उपलब्धि के लिए आईआईटी खडग़पुर ने यंग अल्मनाई अचीवर अवार्ड (वाईएएए 2019) से सम्मानित किया।

यह है खास एप में
निकी भारत का एकमात्र ऐसा ऐप है जो देश में 45 लाख से भी अधिक लोगों को उनकी भाषा में ऑनलाइन लेन-देन में मदद कर रहा है। इसकी मदद से बोल कर भी ऑनलाइन ट्रांंजेक्शन किया जा सकता है। इस एप के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए कंपनी में रतन टाटा, यूनिलेजर वेंचर्स, सेप आईओ सहित कई निवेशकों ने निवेश किया है। डिजिटल भुगतान में होने वाली मुश्किलों जैसे जटिल इंटरफेस, भाषा जैसी परेशानियों को दूर कर निकी देश के टियर 2/3/4 के इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन लेन-देन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। एप में अंग्रेजी, हिन्दी, बगंला और तमिल भाषा में लेनदेन की सुविधा है।

चार छात्रों ने बनाया यह एप

इस एप को आईआईटी खडग़पुर के चार पूर्व छात्र नितिन बाबेल, सचिन जायसवाल, केशव प्रवासी और शिशिर मोदी ने बनाया है। वित्तीय वर्ष 2018 में निकी एआई ने करीब 30 मिलियन डॉलर का जीएमवी रन रेट और 1 मिलियन डॉलर से अधिक का रेवेन्यू रन रेट प्राप्त किया। एप में हिंदी भाषा को जोडऩे के बाद अक्टूबर 2018 से हिंदी जीएमवी में भी 300 गुना की वृद्धि देखी गई, जो करीब 60 मिलियन अमरीकी डॉलर है।