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समय के साथ बीत रहा जीवन, संस्कार है जीवन का अभिरूप

Sushil Kumar Singh Chauhan

Publish: Sep 17, 2019 06:00 AM | Updated: Sep 17, 2019 02:46 AM

Udaipur

udaipur jain samaj जैन समाज के धार्मिक आयोजनों में जुटा समाज

उदयपुर. jain samaj आचार्य चंद्रसागर महाराज ने सोमवार को हुमड़ भवन तेलीवाड़ा में आयोजित धर्मसभा में कहा कि जीवन का समय धीरे-धीरे गुजरता जा रहा है। कौन सा समय लौटकर वापस आएगा। मानव जीवन भी समय के साथ नष्ट हो रहा है। इसकी चिंता किसी को नहीं है। जीवन में धर्म का संस्कार अति महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कारण कि धर्म, संस्कार के माध्यम से एक साधारण पत्थर की प्रतिमा को साकार रूप देता है। पंचकल्याणक के माध्यम से मूर्ति में संस्कार दिए जाते हैं।

कन्या भू्रण हत्या से संस्कृति नाश
आदिनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर एवं सकल समाज डबोक की ओर से कन्या भू्रण हत्या एक अभिशाप विषयक व्याख्यान का आयोजन ठाकुरजी मंदिर परिसर में हुआ। महावीर सिंघवी ने बताया कि शुभारंभ शुद्धि जैन के नृत्य मंगलाचरण से हुआ। अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री ने विषय को संबोधित करते हुए कहा कि कन्या भ्रूण हत्या से संस्कृति का नाश होता है। बेटे की चाह में अबोध बालिका की गर्भ में हत्या करना नरक गमन का कारण है।

भगवान जिनेंद्र की शोभायात्रा निकाली
पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर की ओर से पर्युषण ( paryushan) के बाद हिरण मगरी सेक्टर 4 में सोमवार को गाजे-बाजे के साथ भगवान जिनेंद्र की शोभायात्रा निकाली। मुनि शतारसागर व मुनि सुदक्ष सागर के सान्निध्य में बड़ी संख्या में समाजजनों ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया। प्रवक्ता मुकेश पाण्डया ने बताया कि शोभायात्रा नागेंद्र भवन पहुंची, जहां भगवान का भक्तिभाव से अभिषेक हुआ। समाज अध्यक्ष झमकलाल अखावत, महामंत्री सुंदरलाल लुणदिया, पंडित संजय कुमार एवं अन्य मौजूद थे। मौके पर पांच, दस व सोलह उपवास करने वाले तपस्वियों को सम्मानित किया गया।

104वां जयंती महोत्सव 21 से
आचार्य विमल सागर महाराज का 104वां जयंती महोत्सव 21 व 22 सितम्बर को अर्जयन्तसागर महाराज के सान्निध्य में महाराष्ट्र के सोलापुर में मनाया जाएगा। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन श्रुत सवंर्धिनी महासभा संभाग उदयपुर एवं वीर सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. माणक चन्द जैन मुण्डफोड़ा ने बताया कि दो दिवसीय आयोजनों में समाजजनों की उपस्थिति रहेगी। अखंड दीपक मिटाता है अंधकारवासुपूज्य मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी अभ्युदया ने कहा कि मंदिर में जहां शुद्ध अखण्ड घी का दीपक जलता है। वहां देवता भी स्थान ग्रहण करते हैं। udaipur jain samaj दीपक जीवन के अंधकार को मिटाता है। धूप इसलिए करते हैं कि वातावरण की शुद्धि हो। अगरबत्ती, धूप बत्ती करते ही सारा वातावरण धूपमय हो जाता है।