स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

राष्ट्रीय बालिका दिवस विशेष : इंडियन स्टूडेंट्स का विदेश में फ्री एजुकेशन का सपना पूरा करा रही उदयपुर की श्रेया

Krishna

Publish: Jan 24, 2020 19:17 PM | Updated: Jan 24, 2020 19:17 PM

Udaipur

उदयपुर. विदेश में हायर एजुकेशन का सपना आजकल हर स्टूडेंट देखता है, लेकिन वहां जाने का सपना कुछ का ही पूरा हो पाता है। कुछ स्टूडेंट्स का सही गाइडेंस ना मिल पाने से तो कुछ का पैसों के अभाव में ये सपना अधूरा रह जाता है।

 

मधुलिका सिंह/उदयपुर. विदेश में हायर एजुकेशन का सपना आजकल हर स्टूडेंट देखता है, लेकिन वहां जाने का सपना कुछ का ही पूरा हो पाता है। कुछ स्टूडेंट्स का सही गाइडेंस ना मिल पाने से तो कुछ का पैसों के अभाव में ये सपना अधूरा रह जाता है। अगर सही गाइडेंस मिल जाए और विदेश में फ्री एजुकेशन का बेनिफिट भी मिले तो स्टूडेंट्स के सपने बड़ी आसानी से पूरे हो सकते हैं। इसी सोच से उदयपुर की 25 साल की युवती श्रेया आंचलिया ने ‘एब्रॉएजुशिप’ का स्टार्टअप शुरू किया है। ये स्टार्टअप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ‘फ्री एजुकेशन टू ऑल’ यानी दुनिया भर के कॉलेजों में हायर स्टडीज के लिए स्टूडेंट्स को 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप देने का प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है।

एप्लीकेशन प्रोसेस से लेकर वीजा तक में हैल्प


श्रेया ने बताया कि उसने बैचलर्स इन कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस में एक साल काम किया। उसका सपना अब्रॉड में हायर एजुकेशन का था तो यूरोपियन यूनिवर्सिटीज में एप्लाई के लिए स्टूडेंट्स को अब्रॉड भेजने वाली कई संस्थाओं से संपर्क साधा, लेकिन कहीं से भी सही गाइडेंस नहीं मिला। ऐसे में खुद ने ही अपने स्तर पर कोशिश की तो हंगरी में 100 प्रतिशत ट्यूशन स्कॉलरशिप के साथ फ्री अकॉमोडेशन व एडिशन मंथली स्टाइपेंड की सुविधा भी मिली। जब वे वापस आई तो लोगों ने उनसे ऐसी स्कॉलरशिप पाने का तरीका पूछा तब ही उन्हें स्टार्टअप का आइडिया मिला, जिससे वे दूसरों की मदद कर सके। इसके बाद 28 जून, 2019 को ‘एब्रॉएजुशिप’ का स्टार्टअप शुरू किया। इसके तहत वे स्टूडेंट्स की प्रोफाइल के अनुसार यूनीक स्कॉलरशिप ढूंढते हैं, एप्लीकेशन प्रोसेस में हेल्प करते हैं। अब वीजा की भी हेल्प करना शुरू कर दिया। वहीं, फ्री कॅरियर काउंसलिंग भी करते हैं। इसमें श्रेया की मदद उनकी बहन भी करती हैं।

3 महीने में पूरे भारत से 680 क्वेरीज आईं, 180 को भेजा विदेश


श्रेया ने बताया कि स्टार्टअप को अच्छा रेस्पांस मिल रहा है। शुरुआती 3 महीने में ही पूरे भारत से 680 क्वेरीज उनके पास आईं। अब तक उन्होंने 180 स्टूडेंट्स को हायर एजुकेशन स्कॉलरशिप दिलाने में मदद की। स्कॉलरशिप के लिए अब तक श्रेया 18 देशों की यात्रा भी कर चुकी हैं। श्रेया ने बताया कि युवा उद्यमी के बतौर उन्हें पिछले साल दिसंबर में एसोचैम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में निमंत्रण भी मिला था। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि थे।

[MORE_ADVERTISE1]