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ड्यूटी से नदारद दो कार्मिक को नोटिस, चेतावनी पर करना पड़ा निरस्त

bhuvanesh pandya

Publish: Sep 17, 2019 12:23 PM | Updated: Sep 17, 2019 12:23 PM

Udaipur

- महाराणा भूपाल हॉस्पिटल : इमरजेंसी का मामला

उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल की आपात चिकित्सा इकाई में 13 सितम्बर को अधीक्षक के दौरे के समय ड्यूटी से नदारद दो कार्मिकों को नोटिस जारी करने बवाल खड़ा हो गया। नर्सिंग कार्मिकों की ओर से विरोध-प्रदर्शन का दबाव बनाने पर आखिरकार नर्सिंग अधीक्षक को नोटिस निरस्त करना पड़ा। हालांकि मामले में नोटिस जारी करने वाले नर्सिंग अधीक्षक खुद भी गलती में दिखे क्योंकि या तो उन्होंने एक साथ दो कार्मिकों को अवकाश की अनुमति दे दी या कार्मिकों ने अवकाश की सूचना दिए बगैर ही डे ऑफ कर लिया था।

यह था वाकिया

हुआ यूं कि गत 13 सितम्बर को अधीक्षक डॉ लाखन पोसवाल आपात चिकित्सा इकाई में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, तब इकाई प्रभारी चमन सिंह राजपूत व नर्स श्रेणी प्रथम विश्वेश्वर त्रिवेदी मौजूद नहीं थे। मामले में अधीक्षक ने नर्सिंग अधीक्षक प्रथम को तत्काल दोनों कार्मिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। नोटिस में दो कार्मिकों से पूछा गया कि वे आपात चिकित्सा इकाई जैसी संवेदशनशील इकाई की व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी होने के बावजूद बगैर अनुमति एक साथ डे ऑफ पर कैसे चले गए।

नर्सेज एसोसिएशन ने बनाया दबाव

मामले में 15 सितम्बर को राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने दखल करते हुए इस आदेश को तत्काल निरस्त करने का दबाव बनाया। नर्सिंग अधीक्षक को लिखे पत्र में बताया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए नर्से ग्रेड प्रथम प्रतिभा सालवी ड्यूटी पर मौजूद थी। दोनों कार्मिकों के डे ऑफ पर होने की जानकारी पहले ही कार्यालय में दी गई थी। पत्र में चेतावनी दी गई कि तत्काल यदि यह आदेश निरस्त नहीं किया जाता तो नर्सेज विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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उन्होंने पहले ही सूचना दे दी थी जिसकी मुझे जानकारी नहीं थी, इसलिए नोटिस जारी कर दिया था। बाद में इसका पता चलने पर नोटिस निरस्त किया गया। हालांकि सभी को सार्वजनिक रूप से निर्देश दिए गए हैं कि एक साथ वरिष्ठ कार्मिक डे ऑफ पर नहीं रहें।

एलएल वीरवाल, नर्सिंग अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल उदयपुर