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खुशी-खुशी ये देसी-विदेशी आ तो गए लेकसिटी घूमने, लेकिन धूल में लिपटे, भोजन के लिए भटके

Pramod Kumar Soni

Publish: Oct 23, 2019 13:06 PM | Updated: Oct 23, 2019 13:06 PM

Udaipur

खुशी-खुशी ये देसी-विदेशी आ तो गए लेकसिटी घूमने, लेकिन धूल में लिपटे, भोजन के लिए भटके

- बारिश के बाद लबालब झीलों का शहर सैलानियों को आकर्षित करने के बाद सही स्वागत नहीं कर पा रहा

प्र्र्रमाेद साेनी / उदयपुर. अच्छी बरिश के बाद लेकसिटी के लिए वरदान बनी लबालब भरी झीलें भले ही पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है, लेकिन शहर के हालात से देसी-विदेशी खासे परेशान हैं। शहर चहुंओर पर्यटकों से गुलजार है। दीपावली मनाने के लिए यहां हर जगह लोग उमडे़ हुए हैं, पर्यटन सीजन अपने यौवन पर है, लेकिन यहां सड़कों का कछुआचाल चलता काम और देर रात तक कहीं भोजन नहीं मिलने की स्थिति यहां पर्यटन व्यवसाय के लिए बड़ी चुनौती बन बैठा है। हालात ये हैं कि रात करीब ११ बजे बाद इन पर्यटकों को भोजन के लिए यहां-वहां भटकना पड़ता है। जगह-जगह खड्ढेशहर में कई जगह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे सीवरेज के कार्य से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाहर से आने वाले पर्यटकों को शहर में प्रवेश पर कई दिक्कतों का सामना करना पडता है। जगह-जगह सड़कें खुदी होने से भी पर्यटकों को आने-जाने में परेशानी होती है। इस दौरान वे कई पर्यटनस्थलों को बिना देखे ही निकल जाते हैं।----हर साल बढ़ रहे सैलानीपर्यटन सीजन में हर वर्ष देशी विदेशी पर्यटकों की बढ़ोतरी होती है। हालांकि इन दिनों पर्यटकों को शहर में जगह-जगह चल रहे स्मार्ट सिटी के चल रहे कार्यों से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।शहर में इन दिनों गुजरात, दिल्ली, बम्बई, साउथ आदि जगह के पर्यटकों के साथ ही स्कूल के छात्र-छात्राओं की आवक के साथ ही विदेशी पर्यटकों भी बहार है, जिसमें फ्रैंच, स्पेनिश, इटालियन, जर्मन, इजराइली पर्यटक ज्यादा आते हैं, पर्यटक व्यवसायी कैलाश सोनी ने बताया कि जुलाई से सितम्बर तक इनमें सबसे अधिक फै्रंच व स्पेनिश आते हैं, वहीं अक्टूबर से मार्च तक जर्मन, इग्लैंड, अमरीका के पर्यटकों का सीजन रहता है। महाराणा प्रताप अधिकृत गाइड युनियन के अध्यक्ष कोमल सिंह चौहान ने बताया कि इन दिनों पर्यटकों का अच्छा सीजन है। शहर की अधिकांश होटलें भी फुल है। इन दिनों सभी जगह से स्कूली बच्चों के ग्रुप ज्यादा आ रहे हैं, वहीं नवरात्रा दुर्गा पूजा के बाद से बंगाली ग्रुप आ रहे हैं। दीपावली से लाभ पंचमी तक रहती है पर्यटकों की बहार रहती है।लुभा रही उदयपुर की वादियां देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों को यहां झीलों के अलावा चारों ओर फैली हरियाली से आच्छादित अरावली की पहाडिय़ों सहित कई पर्यटन स्थल हैं, जिनमें प्रमुखतौर पर गुलाबबाग, गणगौर घाट, पीछोला, दूध तलाई बागोर की हवेली, सहेलियों की बाड़ी, फ तहसागर, मोती मंगरी, सिटी पैलेस, सज्जनगढ़, प्रताप गौरव केंद्र, चीरवा स्थित फू लों की घाटी, जैव विविधता पार्क, बायोलोजिकल पार्क, शिल्पग्राम, बड़ी तालाब शामिल हैं।--------झीलों की नगरी पर्यटन की नगरी है, लेकिन यहां रात में सिर्फ दो ही पर्यटनस्थल खुले रहते हैं, जिसमें फतहसागर पाल स्थित फिश एक्वेरियम व दूध तलाई स्थित रोपवे है। इसके अलावा यहां नाइट ट्यूरिज्म के नाम पर कुछ नहीं है। यहां आने वाला टूरिस्ट रात को इन स्थलों को देखने से वंचित रह जाता है। जिस विभाग के पास जो पर्यटन स्थल है, उन्हें इस दिशा में सोचना चाहिए। रात में रोशनी व सुरक्षा के इंतजाम कर पर्यटकों के लिए उन्हें खोलना चाहिए।शिखा सक्सेनाए,उप निदेशक पर्यटन विभाग