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चोरी करने अलग-अलग शहरों में जाते और काम को अंजाम देकर हो जाते थे फरार, यूं आई गैंग पुल‍िस की ग‍िरफ्त में

Madhulika Singh

Publish: Aug 19, 2019 12:09 PM | Updated: Aug 19, 2019 12:09 PM

Udaipur

- theft gang arrested पांच गिरफ्तार, सभी अलग-अलग जगह से, उदयपुर, जयपुर व मुंबई में वारदातें की स्वीकार

उदयपुर. चोरी के लिए अलग-अलग शहर में जाकर रैकी करना व वारदात करते ही वापस बस व ट्रेन से शहर छोड़ देना। कुछ इसी तरह की वारदातों में अभ्यस्त एक अंतरराज्यीय गैंग theft gang arrested का सूरजपोल थाना पुलिस surajpole police ने राजफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अब तक उदयपुर Udaipur के अलावा मुंबई mumbai व जयपुर Jaipur में चोरी की वारदातें स्वीकार की है। आरोपियों में एक टेम्पो चालक भी है, जो स्थानीय होकर आरोपियों की मदद कर रहा था।

एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने बताया कि गत 13 जून को चोर शांतिनगर हिरणमगरी निवासी योगेश पुत्र गोपालदास तलरेजा की बापूबाजार स्थित मोबाइल व साड़ी की दुकान से मोबाइल व चांदी के सिक्के चुरा कर ले गए थे। वारदात के बाद सीआई रामसुमेर, एसआई रणजीत सिंह, हेड कांस्टेबल शरीफ खां मय टीम ने तफ्तीश कर बगोदर गिरीड़ी (झारखंड) निवासी यासीन उर्फ असलम पुत्र मकबूल खां, रब्बान पुत्र कलीम शेख, सिद्धार्थनगर वरली मुंबई निवासी राजकुमार पुत्र रामकुमार पंचाल, अम्बावाड़ी सेटेलाइट अहमदाबाद निवासी जिग्नेश पुत्र पुरुषोत्तम भाई पटेल व टेम्पो चालक कोठारिया हाल प्रतापनगर निवासी राजकुमार पुत्र रतनदास खटीक को गिरफ्तार किया।
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यूं आए पकड़ में

बापूबाजार में योगेश तलरेजा की दुकान में चोरी के बाद पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उन्हें वहां खड़े विक्रम टेम्पो में आरोपी बैठते हुए दिखे। पुलिस ने टेम्पो को चिह्नित किया लेकिन उसके नम्बर नहीं दिखे। पुलिस ने कुछ चिह्नों के आधार पर उसकी तलाशी की तथा ये मुखबिर को भी बताए। सुबह पुलिस को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन सामने उसी टेम्पो में कुछ युवक बैठे दिखाई दिए। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें धरदबोचा।


टेम्पो चालक दे रहा था साथ

पुलिस ने बताया कि अलग-अलग जगह के सभी आरोपी मुंबई में किराए के कमरों में रहकर छोटा-मोटा धंधा करते हैं। फोन पर सम्पर्क कर वे सभी एक जगह मिलते हैं और अलग-अलग शहर में पहुंचकर वारदात को अंजाम देते हैं। दिन में रैकी ये सभी रात करीब 2 बजे के बाद वारदात कर शहर छोड़ देते हैं। उदयपुर में राजकुमार खटीक आरोपियों के सम्पर्क में आ गया। उसके टेम्पो में आरोपियों ने रैकी की और बाद में उसने उन्हें बसस्टैण्ड पर छोड़ा था। इस काम में उसे भी चोरी के माल में बराबर का हिस्सा मिला था।