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पशु वध के दोहरे कानून से राष्ट्र का अपमान

pankaj vaishnav

Publish: Nov 18, 2019 02:00 AM | Updated: Nov 18, 2019 02:00 AM

Udaipur

राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा

उदयपुर . राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि जंगली जीवों के शिकार पर कठोर दंड दिया जाता है तो पालतू पशुओं को मारने की इजाजत कैसे दी जा सकती है। यह दोहरे कानून राष्ट्र का अपमान करने के समान है।

कमलमुनि जैन दिवाकर नाई स्थित चारभुजा गोशाला के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पशुधन का कोई विकल्प नहीं है। इंसान के बिना पशु जंगलों में जिंदा रह सकता है, लेकिन पशु के बिना इंसान जिंदा नहीं रह सकता। पशुओं का कत्ल इंसानों के कत्ल करने के समान है। पशुओं की रक्षा में इंसानों की रक्षा निहित है। नकली दूध और घी की भरमार असाध्य रोगों का शिकार बना रहा है। गोशाला का उद्घाटन फतेहलाल लोढ़ा ने किया। मुख्य अतिथि मनोज कुमार तलेसरा थे। पूर्व संध्या पर गो पदयात्रा निकाली गई। ओंकारसिंह सिरोया, शंकरलाल डांगी, संजय जैन, स्वीटी जैन, देवीलाल, पंकज आमेटा, हिम्मत सिंह, देवी सिंह मौजूद थे। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।

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