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दो-दो पीढिय़ां पढ़ ली, नहीं बदले स्कूलों के हालात

pankaj vaishnav

Publish: Sep 23, 2019 01:31 AM | Updated: Sep 23, 2019 01:31 AM

Udaipur

आदिवासी अंचल के दो स्कूल, निर्माण से अब तक नहीं बदली सूरत, केलुपोश स्कूल भवनों में पढ़ रहे बच्चे

मदनसिंह राणावत. झाड़ोल . प्रदेश में शिक्षा, शिक्षक और विद्यालयों के बुरे हाल हैं, लेकिन आदिवासी अंचल में हालात बदत्तर हैं। दूर दराज के गांवों में ना शिक्षक है और ना ही विद्यालय भवन की पर्याप्त सुविधाएं। झाड़ोल क्षेत्र के दो स्कूल हालात बयां कर रहे हैं। एक स्कूल 27 साल पहले बना तो दूसरा 65 वर्ष पूर्व। स्कूल के जिस हालात में पिता ने पढ़ाई की, बच्चे भी उसी हालात में स्कूल जा रहे हैं। पीढिय़ां बदल गई, लेकिन नहीं बदले तो स्कूल भवनों के हालात। केलुपोश भवनों में दोनों स्कूलों का संचालन हो रहा है। बड़ी बात ये कि आदिवासी अंचल में विकास की ताल ठोकने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की निगाहें इन शिक्षा मंदिरों पर नहीं पड़ी।

केस 1. - अदकालिया स्कूल: केलुपोश भवन में संचालन
पंचायत समिति क्षेत्र का अदकालिया स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन ६५ वर्ष पूर्व बना था। आज भी केलुपोश कमरों में संचालित हो रहा है। विद्यालय में ६ कमरे हैं, जिसमें से ४ केलुपोश और २ पक्के कमने हैं। केलुपोश कमरों में बरसात का पान भरपूर टपक रहा है। दीवारों की हालत जर्जर हो गई है। दीवारें गिरने की स्थिति में पहुंच गई है। उपसरपंच रतनलाल ने बताया कि कई बार प्रशासनिक स्तर पर स्कूल भवन की मांग कर चुके हैं। हाल ही में मरम्मत के लिए भी उपखण्ड अधिकारी और विकास अधिकारी से चर्चा की है।
केस 2 - ईडमाल स्कूल : 27 साल से मरम्मत नहीं
उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सैलाना का राजस्व गांव ईडमाल। जहां स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन की हालत जर्जर होकर कमरों में पानी टपक रहा है। केलुपोश विद्यालय भवन का निर्माण २७ साल पहले हुआ था। इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। कक्षाओं में बरसाती पानी टपक रहा है। कई बार तेज बरसात होने पर विद्यालय में छुट्ïटी करनी पड़ती है। यहां ८० बच्चे पढ़ते हैं। ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार उच्चाधिकारियोंं से मरम्मत की मांग की गई, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। लिहाजा भवन कभी सुधर नहीं पाया।

जनता की जुबानी
अदकालिया में विद्यालय की हालत 20-25 साल पूर्व जैसी थी,वैसी ही बनी हुई है। इस विद्यालय में 1990 में हमने भी पढ़ाई की थी। इसी केलुपोश विद्यालय में हमारे बच्चे भी अभी पढ़ रहे हैं।

कन्हैयालाल पटेल, अभिभावक, अदकालिया
इस विद्यालय में 25 साल पूर्व जर्जर हालत केलुपोश विद्यालय में पढ़ाई की। उसके बाद अन्य विद्यालय में प्रवेश ले लिया। मेरी दो बेटियां इसी विद्यालय में पढ़कर निकली है। दो पीढिय़ां पढ़ ली, लेकिन सालों से विद्यालय की हालत ज्यो की त्यों देख रहा हूं। जर्जर हालत को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं।
रतनलाल पटेल, उपसरपंच, कंथारिया
अदकालिया और इडमाल के विद्यालय की जर्जर स्थिति की जानकारी के लिए जेइएन को भेजकर रिपोर्ट मंगवा ली है। इसका प्रस्ताव बनाकर उदयपुर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को शीघ्र भेजा जाएगा।

पन्नालाल मेघवाल, सीबीईओ, झाड़ोल