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VIDEO : इन मासूमों की ईश्वर ने सुनी भी लेकिन आंखों के सामने सब पानी-पानी हो गया

Mukesh Hingar

Publish: Aug 19, 2019 12:28 PM | Updated: Aug 19, 2019 12:28 PM

Udaipur

हे भगवान! आखिर ये मासूम बैठे तो बैठे कहां...

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शिक्षा के इस मंदिर में बैठने को फर्नीचर दानदाताओं ने दे रखा लेकिन ऊपर से पानी की बूंदे गिर रही। बूंदों से बचने के लिए भगवान की तरफ देखते हुए आंखों से सपना देखा और मन ही मन कहा कि कुछ तो मदद कीजिए। सपना साकार होने के लिए उदयपुर स्मार्ट सिटी कंपनी ने अपने कदम इस मंदिर में रखे और भीगते पानी से मासूमों को बचाने के लिए पहल की। इस बीच एक छोटी सी लापरवाही ने बूंदों की जगह झमाझम पानी ने पानी सब कुछ खराब कर दिया। देखते ही देखते आंखों के सामने मासूमों ने चार्ट पर जो कुछ उकेरा था सब पानी के साथ भीग कर खत्म हो गया, बैठने की जगह तक नहीं बची। जी यह तस्वीर प्रताप गौरव केन्द्र के पीछे बडग़ांव पुलिस के पास स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनोहरपुरा की है। वहां कुल सात कक्षा-कक्ष है, इनमें से एक-एक में तो प्रधानाध्यापक व आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है और बाकी के पांच कक्षा-कक्ष में कक्षाएं संचालित होती है। पहली से पांचवीं तक के इस स्कूल में नगर निगम व स्मार्ट सिटी कंपनी ने छतों से पानी टपकने की समस्या से निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट हाथ में लिया। बड़ी बात यह है कि इस स्कूल को बहुत जरूरत थी, पूरा स्कूल भामाशाह के सहयोग से चलता है और वहां पढऩे वाले बच्चों की जरूरतें बहुत है।

लापरवाही ऐसी रही की तरीका स्मार्ट नहीं रखा
असल में उदयपुर स्मार्ट सिटी कंपनी ने यहां काम तो समय पर शुरू कर दिया लेकिन लावरवाही यह कर दी कि पहले छत का कार्य करने की बजाय टॉयलेट व दूसरे काम शुरू कर दिए। पिछले दिनों जब बारिश शुरू हुई तब ही छत का कार्य शुरू किया। इससे करीब तीन कमरों की छत को उधेड़ दिया और तेज हुई बारिश से नीचे के कमरे बारिश से भर गए। यह अलग बात है कि पानी पहले ही टपकता था लेकिन पूरी छत खोलने से भारी मात्रा में पानी भर गया। बैठने की जगह भी नहीं बची, जो सामान व स्टेशनरी थी वह भीगकर खराब हो गई। बारिश शुरू होने के बाद वहां कार्य भी बंद हो गया।


तलैया बन गया स्कूल

पूरा स्कूल तलैया बन गया, बचे कमरे भी पानी से भरे, बरामदा भी पानी-पानी हो गया, प्रवेश द्वार का जो छोटा सा चौक है वह तलैया बन गया। शनिवार को कक्षा-कक्ष के बाहर ही एक बालिका पानी में स्लीप हो गई। १५ अगस्त के दिन स्कूल में आयोजन करने की जगह नहीं बची, ध्वजारोहण से पहले पूरे स्कूल के पानी को खाली करना पड़ा, तब जाकर थोड़ी जगह बनी। इधर, स्मार्ट सिटी कंपनी का कहना है कि बारिश व रक्षाबंधन की वजह से श्रमिक चले गए तो कार्य रुक गया, जल्द ही कार्य शुरू कर देंगे।

इनका कहना है...
यह बड़ा काम किया जा रहा है लेकिन समय पर पहले छत का कार्य कर देते तो मुसीबत नहीं होती। पूरा स्कूल पानी-पानी हो गया है, नुकसान भी बहुत हुआ है। हमने स्मार्ट सिटी के इंजीनियर को भी तत्काल बताया था, ठेकेदार से तो इतना कह दिया कि तरपाल ही ढक दीजिए स्कूल में नुकसान नहीं होगा। आखिर में पानी से कक्षा-कक्ष भर गए।

- वर्षा पुरोहित, प्रधानाध्यापिका, रा. प्रा. वि. मनोहरपुरा