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अब ड्रोन से फोटोग्राफी नहीं होगी आसान, 31 जनवरी तक पंजीयन कराना अनिवार्य

Madhulika Singh

Publish: Jan 17, 2020 14:48 PM | Updated: Jan 17, 2020 14:51 PM

Udaipur

बिना पंजीयन उपयोग करने पर जब्त करने की होगी कार्रवाई, उदयपुर में दो हजार से अधिक हैं ड्रोन, शादी व धार्मिक समारोह में होती है फोटोग्राफी

मानवेंद्रसिंह राठौड़/उदयपुर. शादी-समारोह एवं अन्य आयोजनों में अब ड्रोन से फोटोग्राफी आसान नहीं होगी। बिना पंजीयन के देशभर में एक फरवरी से ड्रोन से फोटोग्राफी पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। सरकार ने ड्रोन से होने वाली अवैध गतिविधियों व इसके दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाया है। ड्रोन संचालकों को इसके लिए 31 जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके बाद बिना पंजीयन ड्रोन का उपयोग नहीं कर पाएंगे। मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के आदेश के मुताबिक 31 जनवरी के बाद ड्रोन का उपयोग पाए जाने पर अपंजीकृत ड्रोन पुलिस द्वारा आईपीसी एवं डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन के अधिनियम के तहत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पंजीयन के बाद ड्रोन एवं ड्रोन मालिक को एक विशिष्ठ नंबर दिया जाएगा, जो डीएएन और ओएएन कहलाएगा, लेकिन केवल डीएएन और ओएएन नंबर होने पर भी ड्रोन का संचालन बिना प्रशिक्षण प्रमाण पत्र नहीं कर सकेगा। ड्रोन का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण लेना जरूरी होगा। साथ ही एक ऑनलाइन टेस्ट मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के निर्देशन में देना होगा। उसमें पास होना अनिवार्य है।

शहर में दो हजार से अधिक हैंं ड्रोन
उदयपुर शहर में करीब दो हजार से अधिक ड्रोन है, उसमें अधिकतर फोटोग्राफी करने वालों के पास है। इन ड्रोन का उपयोग भव्य शादी समारोह, धार्मिक आयोजनों, प्री-वेडिंग शूट व शौकिया उपयोग में करते हैैं।

तीन तरह के ड्रोन प्रचलन में
देशभर में फिक्सड विंग ड्रोन, जिसका उपयोग आर्मी व एनसीसी में किया जाता है। दूसरा ड्रोन मल्टी रोटर ड्रोन होता है, इसका उपयोग शादी व धार्मिक समारोह में फोटोग्राफी के लिए किया जाता है। कृषि क्षेत्र में भी उपयोग में लिया जाता है। तीसरा ड्रोन हेलिकॉफ्टर ड्रोन है, जो पहाड़ी व दुर्गम स्थलों में दवाइयों, खून की सप्लाई करने व अन्य सामग्री को इधर-उधर ले जाने में किया जाता है। मेघालय, मिजोरम व नगालैंण्ड में ऐसे ड्रोन का उपयोग हो रहा है।

इनका कहना है
ड्रोन अब सरकारी निगरानी में ही उपयोग में लिया जा सकेगा। केन्द्र सरकार के इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। ड्रोन का उपयोग करने के लिए पंजीयन की शर्ते लागू कर दी है। सभी ड्रोन मालिकों को 31 जनवरी तक ड्रोन का पंजीयन कराना अनिवार्य है।

अशोक कल्याणी, डिजिटल सेवा केन्द्र (सीएससी)

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