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अब चौथी कक्षा से ही बच्चे सीखेंगे रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग और इंटरनेट

Krishna Kumar Tanwar

Publish: Sep 14, 2019 14:03 PM | Updated: Sep 14, 2019 14:03 PM

Udaipur

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन से शिक्षा में नवाचार

चंदन सिंह देवड़ा/उदयपुर . विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत के कदम तेजी बढ़ रहे हैं। मिशन चंद्रयान-2 का लोहा पूरी दुनिया ने माना। केन्द्र सरकार का मानस है कि स्कूलों में इनोवेशन बेस एजुकेशन पर काम हो ताकि भावी वैज्ञानिक तैयार हो सकें। इसके चलते नीति आयोग की अटल टिंकरिंग लैब योजना सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में लैब संचालित की जा रही हैं जिनमें कक्षा 4 से 12वीं तक के बच्चे नए-नए आविष्कार करना सीख रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के 58 विद्यालयों के लैब संचालकों को उदयपुर के अभिनव सीनियर सैकण्डरी विद्यालय की लेब में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल के डायरेक्टर एसके रावल के अनुसार यह प्रशिक्षण 14 सितम्बर तक जारी रहेगा।

चौथी से ही विज्ञान में रुचि

प्रोग्राम से जुड़े कुणाल कोष्टी ने बताया कि इनोवेशन लैब में बच्चों को चौथी कक्षा से ही जोड़ा जा रहा है जिससे उनकी जिज्ञासाओं, विज्ञान के रहस्य जानने की उत्सुकता, विभिन्न समस्याओं का तकनीकी समाधान कैसे किया जाता है, इसके बारे में बताया जा रहा है। बच्चे अपने हिसाब से कई ऐसे इनोवेशन करने भी लगे हैं जो समय की बचत के साथ काम में सहूलियत देते हैं। बच्चे वाटर बूस्टर रॉकेट, ऑटोमेटिक लिफ्ट, एग्रीकल्चर तक के प्रयोग कर रहे हैं।

क्या है अटल टिंकरिंग लेब

नीति आयोग ने अटल इनोवशन मिशन के तहत टिंकरिंग लैब देशभर के चयनित स्कूलों में करीब दो वर्ष में पूर्व खोली गई। इसमें से कई अच्छा काम कर रही है। प्रदेश में 138 ऐसी लैब हैं जिसमें अभिनव स्कूल की लैब बेहतर काम कर रही है। ऐसे में इसमें प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस लैब में बच्चों को 3-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रोनिक्स, मैकेनिकल, इंटरनेट ऑफ थिंक्स (आईओटी) जैसे ग्रुप बनाकर बच्चों को सिखाया जाता है। ये ग्रुप आपस में इंटर कनेक्ट होकर नए-नए प्रयोग करते हैं।

विज्ञान के क्षेत्र में प्रेरित हो बच्चे

विक्रम साराभाई कम्यूनिटी साइंस सेंटर अहमदाबाद, आईबीएम के सुधीर शर्मा, मोहित आहूजा की मौजूदगी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें बेसिक कंसेप्ट बताने से लेकर थ्योरी के साथ प्रेक्टिकल करवाना और बच्चों को इनोवेशन के लिए मोटिवेट करना है। इससे बच्चे आगे बढऩे के साथ रोजगारपरक शिक्षा हासिल कर लेंगे।