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ऐसा कैसा उपचार: बीमारी नहीं नसबंदी का ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं की सेहत से खिलवाड़

Sushil Kumar Singh Chauhan

Publish: Dec 09, 2019 06:00 AM | Updated: Dec 09, 2019 00:13 AM

Udaipur

nasbandi shivir सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला

उदयपुर/ मंूगाणा. nasbandi shivir स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साधन सुविधाओं की कमी का खमियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अलावा चिकित्सकों के रिक्त पदों की समस्या भी यहां घर कर रही है। इन समस्याओं के बीच शनिवार को नसबंदी शिविर के दौरान लाभार्थी महिलाओं को विभागीय नुमाइंदों ने गैरजिम्मेदारी दिखाते हुए ऑपरेशन के बाद फर्श पर सुलाया।
आलम यह है कि स्थानीय चिकित्सालय में चिकित्सक के स्वीकृत 10 पदों के जवाब में एक मात्र चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। संबंधित चिकित्सक पर जिला स्तरीय बैठकों, राजकीय स्वास्थ्य योजनाओं सहित अन्य कई जिम्मेदारी भी है। करीब 10 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के लिए उपचार सुविधा वाले इस केंद्र पर चिकित्सक की अनुपस्थिति में नर्सिंग स्टाफ दवादयां लिखता है। खामी ही कहेंगे कि चिकित्सालय में मरीज हित में लगी हुई एक्स-रे मशीन पर बीते छह माह से धूल जमी हुई है। लैब टेक्निशियन एवं रेडियोग्राफर जैसे पदों पर सरकारी उदासीनता का संकट बना हुआ है। नसबंदी शिविरों के दौरान बेड की कमी के बीच महिला लाभार्थियों को जमीन पर सुलाया जाता है। शनिवार को आयोजित नसबंदी शिविर के दौरान भी आदर्श पीएचसी पारसोला, नया बोरिया एवं समीपवर्ती उपस्वास्थ्य केन्द्रों से आई करीब 44 महिलाओं को उपचार के बाद सर्द दिनों में जमीन पर सुलाया गया। इधर, मामले में सफाई देते हुए चिकित्सा प्रभारी डॉ. जीवराज मीणा ने बतताया कि मूंगाणा सीएचसी वर्ष 2012 में ही क्रमोन्नत हुई है। इसके बाद से भवन विस्तार एवं सुविधाओं को जुटाने के नाम पर संशाधनों की कमी बनी हुई है। nasbandi shivir नए भवन का निर्माण कार्य जारी है, जिसके पूरा होने में समय लगेगा।

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