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सीओपीडी के घेरे में सेहत, ओपीडी में बढ़ी रोगियों की तादाद...उदयपुर जिले के बुरे हाल

Krishna

Publish: Oct 21, 2019 19:45 PM | Updated: Oct 21, 2019 19:45 PM

Udaipur

आमतौर पर महाराणा भूपाल हॉस्पिटल, बड़ी हॉस्पिटल और हाथीपोल क्लीनिक को मिलाकर दैनिक करीब 300 के समीप मरीज टीबी के उपचार के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

 

 

उदयपुर. बरसात की विदाई और सर्द मौसम के आगमन यानी मौसम का ये संक्रमण लोगों में सीओपीडी और अस्थमा की शिकायतों को बढ़ा रहा है। आमतौर पर महाराणा भूपाल हॉस्पिटल, बड़ी हॉस्पिटल और हाथीपोल क्लीनिक को मिलाकर दैनिक करीब 300 के समीप मरीज टीबी के उपचार के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

क्या है सीओपीडी


क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज को सामान्य भाषा में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या फेफड़े की बीमारी भी कहते हैं। यह एंफ ीसीमा और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस दो तरह की होती है। धूम्रपान इसकी प्रमुख वजह है, जिससे फेफड़े प्रभावित होते हैं। शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले वायु तंत्रों में गड़बड़ी से सांस लेना मुश्किल होने लगता है। इसके लक्षण अस्थमा और ब्रोंकाइटिस से मिलते-जुलते हैं। यह क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस है, जिसमें शारीरिक ऊर्जा कम हो जाती है। कुछ कदम चलकर ही थकान हो जाती है। सांस नली में सूजन से ऑक्सीजन आपूर्ति घट जाती है। चूल्हा और औद्योगिक प्रदूषण इसकी वजह है।


सीओपीडी के लक्षण

दो महीने तक लगातार बलगम की तकलीफ रहती है और खांसी पर सामान्य सिरप और दवाएं असर नहीं करती। अधिक बलगम वाली खांसी रहना, सांस की तकलीफ , शारीरिक श्रम, सांस लेने में घरघराहट और सीने में जकडऩ लक्षण है।

इन जांचों की जरुरत
स्पाइरोमेट्री से फेफ ड़ों की ताकत जांची जाती हैं, जबकि खून या बलगम टेस्ट के साथ छाती में संक्रमण का पता लगाने के लिए एक्स-रे करते हैं। कई बार जरुरत की स्थिति में सीटी स्कैन या एमआरआई जांच भी कराते हैंअब तक टीबी हॉस्पिटल में दैनिक 50 से 70 मरीज सीओपीडी व अस्थमा के आते थे, लेकिन जैसे ही मौसम परिवर्तन हुआ है, संख्या 100 से 120 तक हो गई है।


डॉ. मनोज आर्य, प्रभारी, टीबी हॉस्पिटल बड़ी


उदयपुर में तीन स्थानों पर सीओपीडी व अस्थमा के मरीज बंट जाते हैं, खास तौर पर एमबी हॉस्पिटल और बड़ी चिकित्सालय जाते हैं तो कुछ हाथीपोल स्थित टीबी क्लीनिक भी पहुंचते हैं। सर्दी शुरू होने के साथ ही सीओपीडी व अस्थमा वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।

डॉ. पीयुष सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी, उदयपुर