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आजादी के जज़्बे को दिखा गया ‘जलियांवाला बाग’

Manish Joshi

Publish: Sep 15, 2019 02:45 AM | Updated: Sep 15, 2019 02:45 AM

Udaipur

शिल्पग्राम के दर्पण सभागार पर दर्दनाक नरसंहार पर आधारित नाटक की प्रस्तुति

उदयपुर . संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से शनिवार शाम उदयपुर के नाट्य प्रेमियों के लिए देश भक्ति से ओत-प्रोत नाटक ‘जलियांवाला बाग’ का मंचन हुआ, जिसने इस दर्दनाक नरसंहार की जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को झकझोर कर रख दिया।

संस्कृति मंत्रालय की ओर से जलियांवाला बाग नरसंहार के शहीदों के शौर्य और पराक्रम के सौ वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें याद करने के लिए आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से उदयपुर में आयोजित प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला में तैयार नाटक ‘जलियांवाला बाग’ का मंचन शिल्पग्राम के दर्पण सभागार पर मंचन हुआ। इसका निर्देशन प्रसिद्ध सिने अभिनेता व रंगकर्मी अशोक बांठिया ने किया।
नाटक की कहानी अंग्रेजी हुकूमत के काले कारनामे पर आधारित है जिसको याद करते हुए आज भी देशवासियों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इस नृशंस कत्लेआम में करीब 400 लोग मारे गए थे जिसमें औरतें और बच्चे भी शामिल थे। नाटक में आजादी के आंदोलन के दौरान निकाली जाने वाली प्रभात फेरी, निहत्थों पर गोलियां बरसाते अंग्रेज सिपाही, लाशों के ढेर में अपनी मां को ढूंढता अबोध बालक जैसे मर्मस्पर्शी दृश्यों ने दर्शकों के लिए भीतर तक झकझोर दिया। बेहतरीन प्रकाश व्यवस्था, दृश्य बिम्बों और नवागंतुक नाट्य साधकों के श्रेष्ठ अभिनय ने प्रस्तुति को स्मरणीय बना दिया। विनय शुक्ला, सिद्धांत, राजेन्द्र, प्रगनेश, रीना, दीपेंद्र, अमित, राज, सेजल, मिलिन्द, गर्वित, हर्ष नरवरिया, दिव्य, शिवांगी, रिया, अभिषेक, निहारिका, हर्ष, अक्षरा, एकलिंग, भवानी, जितेन्द्र, कुलदीप, हिरेन, कृष्णा ने अपने अभिनय में स्वाधीनता के विभिन्न किरदारों को रंगमंच पर सजीव कर दिया।