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लेकसिटी में जल्द भरेगा अश्व मेला, दूध तलाई पर हॉर्स राइडिंग पर विचार

Manish Joshi

Publish: Sep 21, 2019 03:31 AM | Updated: Sep 21, 2019 03:31 AM

Udaipur

अश्व शक्ति सोसायटी की बैठक में घोड़े के संरक्षण, संवद्र्धन एवं विकास पर चर्चा

उदयपुर . मारवाड़ी नस्ल के घोड़े देश ही नहीं, पूरी दुनिया में ख्यात हैं। अश्वपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में जल्द ही अश्व मेले का आयोजन करना प्रस्तावित है। साथ ही अश्वों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।


अश्व शक्ति सोसायटी की बैठक शुक्रवार को बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय में हुई। समिति के अध्यक्ष अनन्तसिंह राठौड़ ने कहा कि मारवाड़ी नस्ल के अश्वों के संरक्षण, संवद्र्धन एवं विकास के लिए मेवाड़ के अश्वपालक संगठित होकर कार्य करें तभी यह संभव होगा। कोषाध्यक्ष दिनेश जैन ने कहा कि अश्व की स्थानीय नस्लों के विकास एवं संरक्षण के लिए राज्य सरकार को अश्व बीमा के प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने चाहिए ताकि इस क्षेत्र के गरीब अश्वपालकों को अश्व पालन से पूरा लाभ मिल सकें। भंवरसिंह ने कहा कि अश्व विकास के लिए स्थानीय नस्लों पर देय जीएसटी एवं अन्य करों में संशोधन के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाए जिससे स्थानीय अश्वों का विकास हो सके। सोसायटी के संयुक्त सचिव एवं उप निदेशक, डॉ शरद अरोडा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से उदयपुर जिले को ग्रेलण्डर रोग से पूर्णतया मुक्त घोषित करने के बाद अब अश्व मेले का प्रस्ताव तैयार कर जिला कलेक्टर को यह उपलब्ध करवाया जाएगा।
सोसायटी के सदस्य डॉ सुरेन्द्र छंगाणी ने इस अवसर पर कहा कि मारवाडी नस्ल के अश्व देश ही नही अपितु विदेशों में भी आकर्शण का केन्द्र है,अत: इसके व्यापक प्रसार प्रचार से ही अश्व पशुधन का विकास संभव है। संयुक्त निदेशक डॉ ललित जोशी ने बताया कि अब शहर में अब अश्वों से जुड़ी अन्य गतिविधियां जैसे हॉर्स राइडिंग, बगी राइडिंग के साथ ही दूधतलाई पर पर्यटकों को सैर करवाने का कार्य आरम्भ किया जाएगा, जिससे छोटे अश्व पालकों को रोजगार मिलेगा।