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अवैध बजरी ले जाने में पकड़े गए ट्रैक्टर को अनाधिकृत रूप से छोडनेे के बाद अब तक थाने नहीं पहुंचा ट्रैक्‍टर

Madhulika Singh

Publish: Dec 13, 2019 14:12 PM | Updated: Dec 13, 2019 14:12 PM

Udaipur

- ओगणा थाने से बजरी भरा टै्रक्टर-ट्रॉली छोडऩे का मामला, एक टै्रक्टर की जमा हुई पेनल्टी, दूसरे का अभी पता नहीं

उदयपुर. ओगणा थाना पुलिस की ओर से अवैध बजरी ले जाने में पकड़े गए ट्रैक्टर को अनाधिकृत रूप से छोडऩे से मचे बवाल और जांच के बावजूद अब तक टै्रक्टर थाने नहीं पहुंचा है, जबकि विभाग ने एक ट्रैक्टर की 1.26 लाख की कम्पाउण्ड राशि जमा कर ली। हालांकि जांच होने तक उसे भी खान विभाग ने नहीं छोड़ा। इधर, एएसपी की जांच पर अभी पूरा थाना दौड़ता भागता होकर छोड़े गए टै्रक्टर की तलाश कर रहा है। बयानों में अभी पुलिसकर्मी एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

गत दिनों तोड़-बट्टा कर टैै्रक्टर ट्रॉलियां छोडऩे की खबर राजस्थान पत्रिका ने प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस अधीक्षक कैलाशचन्द्र विश्नोई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी अनन्त कुमार को जांच के आदेश दिए थे। एएसपी ने अब तक मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों के बयान लिए हैं।

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दोनों ट्रैक्टर मालिक रिश्तेदार

एसपी की जांच के बाद पुलिसकर्मी अब छोड़े गए दो ट्रैक्टर ट्रोलियों में से एक को थाने ले आए, जबकि दूसरे का अब तक पता नहीं है। पकड़े गए टै्रक्टर की अब तक खान विभाग ने पेनल्टी व जुर्माना सहित 1 लाख 26,400 रुपए जमा किए, लेकिन उसे छोडऩे का आदेश जारी नहीं किया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही ट्रैक्टर मालिक आपस में रिश्तेदार हैं और अब तक वे दूसरे ट्रैक्टर की राशि जमा करवाने नहीं पहुंचे।
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गले नहीं उतर रही बात
खान विभाग की पेनल्टी जमा हुए बिना बजरी भरी टैै्रक्टर-ट्रॉलियां किसने छोड़ी, अब तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि रात के अंधेरे में टैै्रक्टर मालिक गलत रसीदें बताकर ट्रैक्टर छुड़ा ले गए, जबकि पेनल्टी की रसीद कटने के साथ ही खान विभाग का टैै्रक्टर ट्रोलियां छोडऩे का आदेश भी होता है। ऐसे में पुलिस का गफलत में टैै्रक्टर छोडऩे की बात गले नहीं उतर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई पर खान विभाग अचंभित है।

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जांच चल रही है

एक टै्रक्टर ट्रोली की कंपाउण्ड राशि 1.26 लाख दो दिन पहले जमा हुए। दूसरे टैै्रक्टर ट्रॉली का अब तक पता नहीं है। खान विभाग ने अभी तक टै्रक्टर को मुक्त करने के आदेश नहीं दिया हैं, क्योंकि पुलिस की इस मामले में जांच चल रही है।
राकेश जैन, सहायक खनि. अभियंता

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मामले की अभी जांच चल रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कहां गफलत हुई है।

अनन्त कुमार, एएसपी, मुख्यालय

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