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सरकार पैसा नहीं दे रही, मरीजों की सुरक्षा पर सवालिया निशान

bhuvanesh pandya

Publish: Sep 17, 2019 10:55 AM | Updated: Sep 17, 2019 10:55 AM

Udaipur

- पीडब्ल्यूडी ने मांगे थे 13 करोड़, मिले तीन
- सरकार ने नहीं दिया एक धेला

- आरएमआरएस से दी राशि

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर . महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के अधिकतर हिस्सों को मरम्मत की दरकार है, लेकिन सरकार इसके लिए एक पैसा नहीं दे रही। हाल ही हॉस्पिटल में जो मरम्मत का कार्य शुरू हुए है, वे भी आरएमआरएस की राशि से हो रहे हैं। ऐसे में हॉस्पिटल में कई जरूरी काम हैं, जो पूरे नहीं हो पाएंगे। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), आरएमआरएस से मिली मामूली राशि से गिने-चुने काम ही करवाएगा जिसकी सूची तैयार कर उसने चिकित्सालय प्रशासन को सौंप दी है।

वर्ष 2017 में पीडब्ल्यूडी ने पूरे हॉस्पिटल का दौरा कर कार्यों को सूचीबद्ध करते हुए 13 करोड़ रुपए के बजट का मांग पत्र तैयार कर सरकार को भेजा था। दो वर्ष से अधिक समय निकलने के बावजूद सरकार ने एक पैसा जारी नहीं किया। पहले भाजपा सरकार और अब कांग्रेस सरकार में ये फाइल उलझ कर रह गई। इसी बीच, हॉस्पिटल में हुई घटनाओं और प्रशासनिक दबाव को देखते विभाग ने काम तो शुरू कर दिया, लेकिन अब अधिकारी दबी जबान में यह कह रहे हैं कि इतनी कम राशि में तो केवल जरूरी काम हो पाएंगे।

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नहीं हो पाएंगे ये काम

जनाना चिकित्सालय का कॉटेज वार्ड, ट्रोमा, मनोरोग व डेंटल इकाई, बाल चिकित्सालय, चिकित्सक व नर्सिंग क्र्वाटर्स, फिजियोथैरेपी, नेफ्रोलॉजी चर्म रोग विभाग सहित आउटडोर में काम नहीं हो पाएगा, क्योंकि इसका एक पैसा भी बजट जारी नहीं हुआ है। इनकी छतें व दीवारें जर्जर होने लगी है।

- वर्ष 2017 में पन्नाधाय, बाल चिकित्सालय, नेफ्रेालॉजी व ट्रोमा के लिए 2.91 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था, लेकिन इसमें से 80 लाख सरकार ने जारी ही नहीं किए। करीब दो करोड़ का बजट मिला, उसमें से इन हिस्सों में शौचालय व अन्य मरम्मत के कार्य किए गए थे, लेकिन अब इसमें बड़े बजट की जरूरत है। इधर, पीडब्ल्यूडी का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस का कोई पैसा जारी नहीं किया गया है। ऐसे में तय बजट के अलावा जो काम रहेंगे उन्हें कैसे पूरा किया जाएगा।

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ये होंगे काम

हाल ही जारी बजट से हॉस्पिटल में मुख्य चिकित्सालय भवन व कल्पना लैब भवन की एक लाख वर्ग फीट की छत की मरम्मत होगी। छत की पट्टियों को नहीं छेड़ा जाएगा। पट्टियों के नीचे के जर्जर प्लास्टर को हटा दिया जाएगा, जबकि ऊपरी हिस्से में पूरी मरम्मत होगी।
- 15 नए शौचालयों का निर्माण

- 35 शौचालयों में मरम्मत कार्य

- मुख्य भवन की खिड़कियों की ग्रिल, वायरगेज व कांच ठीक किए जाएंगे।

- ऑक्सीजन प्लान्ट की मरम्मत होगी।
- इमरजेंसी के छत का कुछ हिस्सा व फर्श ठीक होंगे।

- आरसीसी की 30 हजार लीटर की दो टंकियां यानी 15-15 हजार लीटर की टंकियां बनाई जाएगी।
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इस बार हमने जो बजट दिया है, उसमें हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा काम हो जाए। जहां कुछ कमी रहेगी आगे और बजट का प्रयास करेंगे।
डॉ लाखन पोसवाल, अधीक्षक महाराणा भूपाल हॉस्पिटल

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हमारी ओर से जो बेहद जरूरी काम है, उसे करवाया जा रहा है, पूरा काम तो इतने कम बजट में संभव नहीं है, हम जल्द ही पुरानी बजट मांग वाली फाइल जरूर अधीक्षक को सौंपेंगे ताकि वह सरकार के सामने अधिक बजट का प्रस्ताव भेज सकें।

आरसी मेहता, अधिशासी अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग उदयपुर