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रिमझिम के बीच खूब जमी गवरी

Manish Joshi

Publish: Sep 14, 2019 02:52 AM | Updated: Sep 14, 2019 02:52 AM

Udaipur

GAVRI : भारतीय लोक कला मण्डल में गवरी नृत्य समारोह का समापन

उदयपुर . भारतीय लोक कला मण्डल में तीन दिवसीय गवरी समारोह के अंतिम दिन शुक्रवार सुबह ब्राह्मणों का वरड़ा के लोक कलाकारों ने रिमझिम के बीच गवरी की प्रस्तुति दी जिसे देखने को बड़ी संख्या में कलाप्रेमी बारिश की परवाह किए बगैर डटे रहे।
करीब 125 कलाकारों ने देवी-देवताओं के आह्वान के बाद गणपति वन्दना, भंवरिया खेल, कालू कीर, भीलू राणा, बादशाह की फौज, कान्ह गुर्जरी, गोमा मीणा, भीयावड़ (भस्मापुर), पाबुजी राठौड़ (अमर कोट), जांगा (लाखा बंजारा) आदि के खेल पेश किए। कलाकारों की चटक रंगों वाली पोशाकें एवं शृंगार देखते ही बना। मार्ग से गुजर रहे लोगों ने भी ठहर कर इन खेलों का आनंद लिया।
आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर के निदेशक, दिनेश चन्द्र जैन ने बताया कि इसी शृंखला में 18,19 व 20 सितम्बर को सहेलियों की बाड़ी में गवरी नृत्य का आयोजन होगा जिसमें दर्शकों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

ओणम उत्सव का आयोजन
शिक्षा विभाग सुविवि में ओणम उत्सव का आयोजन किया गया। खुशी खोखावत, दुर्गेश कुमार ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। एकीकृत पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा नाटक का मंचन किया गया। एम.एड. प्रशिक्षणार्थी शिविका राठौर ने ओणम विशेषताओं को प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. अल्पना सिंह, विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग ने संबोधित किया।