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बलात्कार की घटनाओं का विरोध: पहले सड़कों पर उतरा 'आक्रोश, फिर बाजार के सन्नाटे ने दिया 'संदेश

Sushil Kumar Singh Chauhan

Publish: Dec 06, 2019 06:00 AM | Updated: Dec 05, 2019 23:55 PM

Udaipur

fight against racism देश में बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं से कानोड़ वासियों में गुस्सा, बलात्कारियों के लिए एक बार फिर से उठी फांसी की मांग, एक मंच पर आए सभी राजनीतिक दल

उदयपुर/ कानोड़. fight against racism देश में बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं पर देशवासियों का गुस्सा घटता नहीं दिख रहा। लगातार हो रही घटनाओं से झकझोंरा हुआ हर तबका बलात्कारियों के लिए सजा-ए-फांसी की मांग दोहरा रहा है। आक्रोश की यह लपटें उदयपुर में भी जल रही हैं। इस गुस्से के विरोध में गुरुवार को कानोड़ बंद रहा। पहले सड़कों पर उतरी आबादी ने ऐसे घटनाओं पर नाराजगी जताई तो बाद में सूनी गलियां और बाजार लोगों की नाराजगी का स्पष्ट संदेश देते दिखाई दिए। नगर जागरूक मंच के बैनर तले कानोड़ कस्बे के नुमाइंदों ने घटनाओं के विरोध में नाराजगी जताई। स्थिति यह रही कि पहले से बंद की घोषणा के बीच चाय के ठेलों पर अल सुबह से ही सन्नाटा रहा। स्थानीय लोग सर्द सुबह में चाय पीने के लिए भटकते रहे। वहीं स्थानीय युवा नेता आशुतोष व्यास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर में घूमकर लोगों को तहसीलदार को ज्ञापन देने के लिए आमंत्रित किया। दोपहर ढाई बजे तय समय के बीच बड़ी संख्या में एकजुट शहरवासियों ने प्रताप चौराहे पर एकता दिखाई। महिला पार्षद राजकुमारी कामरियां के नेतृत्व में मानव श्रंखला बनाते बनाई और नारी शक्ति जिंदाबाद के नारों के बीच बलात्कारियों को फांसी की सजा तय करने की मांग की। राजनीतिक दलों के नुमाइंदों ने भी इस मांग में बराबर की हिस्सेदारी निभाई। लेकिन, कांग्रेस समर्थकों की कुछ दूरी यहां लोगों के बीच चर्चा में रही। दोपहर बाद क्षेत्रवासियों ने तहसीलदार रामनिवास मीणा को केंद्रीय गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हैदराबाद में महिला चिकित्सक से बलात्कार एवं हत्या तथा राजस्थान के टोंक जिले में छह वर्षीय मासूम के साथ हुए घिनौने कृत्य में लिप्त अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसने और अपराधियों को फंासी की सजा देने की मांग की। महिला सुरक्षा को लेकर कठोर कानून एवं महिलाओं के बलात्कार , हत्या जैसी घटनाओं के लिए सार्वजनिक मृत्युदण्ड एवं अंग-भंग का कानून बनाने की आवाज उठाई।
इनकी रही उपस्थिति
मौके पर पार्षद दीपकप्रसाद शर्मा, भवानीसिंह चौहान , लोकेश पुरोहित, दोलतराम भोई , प्रेमदेवी चौहान, भाजपा नेता भगवतीलाल शर्मा, मुकेश पुरोहित, पवन व्यास , जनता सेना नेता अरुण भानावत, राजेंन्द्र सिंह चौहान, विरेन्द्र गांधी, रमेश लक्षकार, जयसूर्या लक्षकार, पवन वैष्णव, पूर्व पार्षद कोमल कमारियां, लोकेश सुथार, जगदीश मेघवाल, युवा धर्मेन्द्र जारोली, मुराद खान पठान, सुशीला लखारा , पूर्णिमा लखारा , पुष्पाबाई, ललिता, दुर्गा, गिरिजा, रुकमणी, पायल, चेतना, सीता, अनुसूइया , सुमित्रा, भगवती सहित बड़ी संख्या में स्थानीय क्षेत्रवासियों ने तहसीलदार कार्यालय बाहर एकत्र होकर नाराजगी जताई। fight against racism इधर, शांति व्यवस्था को लेकर थानाधिकारी देवेंद्रसिंह देवल मय जाप्ता मौके पर मौजूद रहे।

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