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नदियों में खनन से नुकसान का हो सर्वे व पुनर्भरण

Surendra Singh Rao

Publish: Sep 17, 2019 02:47 AM | Updated: Sep 17, 2019 02:47 AM

Udaipur


(Mining in rivers)
सरकार से मांग
गांव- गांव जाग्रति अभियान चलाएंगे , मुख्यमंत्री को देंगे ज्ञापन

उदयपुर गींगला पसं.
मेवल क्षेत्र पर्यावरण एवं मानव विकास लोकमंच की बैठक सोमाखेड़ा चौराहे पर हुई, इसमें क्षेत्र की समस्याओं पर मंथन कर रणनीति बनाई गई।

पदाधिकारियों ने कहा कि जयसमंद कैचमेंट एरिया में बजरी खनन को लेकर लोकमंच के पदाधिकारियों की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में रीट दायर कर रखी है और कोर्ट ने क्षेत्र की नदियों में बजरी खनन पर पूर्णतया रोक लगा रखी है। बावजूद इसके क्षेत्र में मिलीभगत से धड़ल्ले से बजरी खनन हो रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में सरकार से मांग की गई है कि क्षेत्र की नदियों में खनन से हुए नुकसान का विशेषज्ञों की टीम से सर्वे कराकर इसका पुनर्भरण करवाया जाए। आगामी दिनों में लोकमंच के पदाधिकारी गांव- गांव ग्रामीणों की बैठक लेकर जन जाग्रति फैलाएंगे। बैठक में संरक्षक मन्नाराम डांगी ने कहा कि ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अब आगे आना होगा। मेवल में नदिया लाइफ लाइन है, लेकिन खनन से संकट उत्पन्न हो गया है। प्रयत्न समिति के मोहन डांगी ने जैविक खेती अपनाने की सलाह दी। बैठक में अध्यक्ष कुबेर सिंह शक्तावत, उपाध्यक्ष खेताराम पटेल, किशना बा रावत, गौतम अहारी, नंगाराम कराकली, नंगाराम आवरा, कालूलाल,लालूराम, भेरूलाल आदि मौजूद रहे।