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उदयपुर सम्भाग में ये हैं ऐसे 120 ब्लैक स्पॉट, जहां हरपल नाचती है मौत

Jitendra Paliwal

Publish: Dec 07, 2019 22:31 PM | Updated: Dec 07, 2019 22:31 PM

Udaipur

राज्यभर में नेशनल, स्टेट हाइवे और एकल सड़कों पर हैं 805 जानलेवा

जितेन्द्र पालीवाल @ उदयपुर. राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यमार्गों व एकल सड़कों पर दौड़ते लाखों वाहनों के लिए सड़क निर्माता एजेंसियों ने मौत के डरावने 805 स्पॉट छोड़ रखे हैं। खामियों से भरे इन ब्लैक स्पॉट पर अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन इनकी तकनीकी खामियां दूर करने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है। हैरत अंगेज तथ्य यह है कि इनमें से सर्वाधिक ब्लैक स्पॉट भारत सरकार की ओर से उच्च मापदण्डों पर बनाए जा रहे नेशनल हाइवे पर हैं, जिन्हें फोरलेन और सिक्सलेन में बदला जा चुका है। उदयपुर सम्भाग में 120 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं।
राज्य परिवहन विभाग की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन ब्लैक स्पॉट्स की वजह से पिछले साल के मुकाबले इस साल सड़क दुर्घटनाएं और ज्यादा बढ़ गई हैं। हादसे तो बढ़े ही, मृतकों और घायलों की तादाद में भी इजाफ हो गया, जबकि केन्द्र व राज्य सरकार को तकनीकी खामियों को दूरकर इन्हें घटना था। पुलिस, परिवहन विभाग भले ही हर साल रिपोर्ट तैयार कर सम्बंधित सरकारी एजेंसियों तक पहुंचाता है, लेकिन तकनीकी खामियां दूर करने को लेकर एनएचएआइ, आरएसआरडीसी और पीडब्ल्यूडी जैसी एजेंसियां गम्भीरता से काम नहीं कर रही है।

- प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन
हादसों के बाद प्रदेशभर में हर साल बड़े पैमाने पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में विरोध, धरना-प्रदर्शन होते हैं, लेकिन मौके पर जमा लोगों को भरोसा दिलाकर व समझाइश कर हटा दिया जाता है। जिम्मेदार अधिकारी मौके की नजाकत देखते हुए कोरा आश्वासन देकर चले जाते हैं, बाद में कुछ नहीं होता। विधायक-सांसद भी लोकसभा व विधानसभा तक में बीसियों बार ब्लैक स्पॉट खत्म करने या कम करने को लेकर चर्चा व सरकार से मांग कर चुके हैं।

- राजसमंद में भी हालात खराब
राजसमंद जिले से गुजरते दो फोरलेन पर खामियां छोडऩे से यहां 36 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें भी उदयपुर-गोमती फोरलेन तथा गोमती-ब्यावर नेशनल हाइवे पर बेतहाशा हादसों में सैकड़ों जानें जा चुकी हैं। भीलवाड़ा-राजसमंद फोरलेन पर भी रोजाना मौतें हो रही हैं। बांसवाड़ा में सबसे कम 6, उदयपुर में 44, चित्तौडग़ढ़ में 18, प्रतापगढ़ में शून्य व डूंगरपुर में 16 ब्लैक स्पॉट हैं।

- बनने के बाद हो रही ऑडिट पर सवाल
सड़क सुरक्षा के जानकार वीरेन्द्र सिंह राठौड़ बताते हैं कि सड़कें बनने के बाद स्वतंत्र एजेंसियों से सड़क निर्माण से पहले, निर्माण के दौरान और कार्य समाप्ति के बाद सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न मानकों पर ऑडिट करने का प्रावधान है। ऑडिट में सामने आने वाली खामियों को दूर करना बेहद जरूरी है।

सम्भाग नेशनल हाइवे स्टेट हाइवे अन्य
जयपुर 170 88 22

बीकानेर 14 8 6
भरतपुर 44 30 3

जोधपुर 112 13 21
उदयपुर 98 13 9

कोटा 40 18 3
कुल 552 187 66

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