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नि:शुल्क गैस कनेक्शन के बावजूद जंगलों की कटाई जारी

Manish Joshi

Publish: Dec 08, 2019 00:44 AM | Updated: Dec 08, 2019 00:44 AM

Udaipur

UJJWALA SCHEME : उज्ज्वला योजना पर सवालिया निशान, वर्ष 2016 में धरियावद उपखण्ड क्षेत्र में बांटे थे चालीस हजार से ज्यादा नि:शुल्क गैस कनेक्शन

पारसोला . केन्द्र सरकार उज्ज्वला योजना के तहत घर-घर में गैस कनेक्शन देने के दावे कर रही है, वहीं सोलह पहाडिय़ों के बीच बसे कस्बे में रोजाना सौ से ज्यादा महिलाएं जंगल से लकड़ी काटकर उनकी भारियां बेचने आ रही है, जो योजना के औचित्य पर सवाल उठाती हैं।

योजना के तहत कस्बे के आसपास के आड़, मानपुर, घनेरा, चरपोटिया, भरकुण्डी, अणत सहित सभी गांवों एंव फलों में नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिए गए। कस्बे के समीप दिवाक माताजी की पहाडी, चायणी वनखण्ड, अंत्रोल वनखण्ड, मानपुर हिंगलाज माता वनखण्ड एवं हाण्डली मगरी, घनेरा चरपोटिया वन क्षेत्र से हरे-भरे पेड़ों पर चलती कुल्हाड़ी बंद नहीं हुई है। आदिवासी महिलाएं सुबह पांच बजे जंगल से लकडिय़ां काटकर बेचने के लिए कस्बा एवं आसपास के गांवों में बेचने आती हैं, जो कस्बे के पुलिस थाना के सामने व लेम्पस वाली गली, मानपुर, सामाओटा से होते हुए गुजरती हैं।

गैस कनेक्शन के बावजूद जंगलों की कटाई पर न तो ग्राम पंचायत और न ही वन विभाग ध्यान दे रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में धरियावद उपखण्ड क्षेत्र में चालीस हजार से ज्यादा नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि सिलेंडर रिफिल की दर ज्यादा होने से गैस भरवाना मुश्किल हो रहा है जिससे खाना बनाने में लकडिय़ां का उपयोग बंद नहीं हो रहा है।

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