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झीलें बचाने के लिए लेकसिटीजंस ने किया केंडल मार्च, स्‍कूली बच्‍चों और मह‍िलाओं ने भी बुलंद की आवाज

Madhulika Singh

Publish: Jan 15, 2020 19:05 PM | Updated: Jan 15, 2020 19:05 PM

Udaipur

- झील बचाओ अभियान, शहर की जनता एकजुट होकर दूधतलाई पर पहुंची और केंडल मार्च निकालकर झीलों को बचाने का संदेश दिया

उदयपुर. झीलों को प्रदूषण व अतिक्रमियों से बचाने के लिए बुधवार शाम को शहर की जनता एकजुट होकर दूधतलाई पर पहुंची और केंडल मार्च निकालकर झीलों को बचाने का संदेश दिया। झीलों को बचाने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई गई मुहिम के बाद कई संगठन आगे आए। वे सभी दूधतलाई स्थित मुष्टिक हनुमान मंदिर के बाहर एकत्र हुए जहां से वे केंडल मार्च करते हुए झील किनारे पहुंचे। इस मुहिम का उद्देश्य झीलों को प्रदूषण मुक्त करना व नियम कायदे बनाकर होटल उद्यमियों को पाबंद करने के लिए प्रशासन को जगाना है।

इस संगठनों ने दिया समर्थन
झील संघर्ष समिति व बार एसोसिएशन के साथ ही झील मित्र संस्थान, गांधी मानव कल्याण समिति, उत्तराखंड समिति, रोटरी वसुधा क्लब, अभिनव व आलोक सीनियर सैकंडरी संस्थान, झील हितैषी नागरिक मंच, क्षत्रिय कुमावत विकास संस्थान, महावीर युवा मंच संस्थान, जैन जागृति सेन्टर, श्री महावीर युवा संस्थान महिला प्रकोष्ठ, शिवसेना, श्रीराम बजरंग दल, विप्र फाउंडेशन युवा मंच, मेवाड़ राजपूत समाज संस्था गोवद्र्धन विलास, राजस्थान नव निर्माण सेना, या गरीब नवाज मानवीय नारी सर्वांगीण विकास सेवा समिति, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, मेवाड़ शिव सेवा संस्थान, श्री एकलिंग नाथ गु्रप, लेकसिटी मूवमेंट, शुद्धम ग्रुप, अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हेल्ंिपग यूथ ऑर्गेनाइजेशन, बोहरा समाज, समता युवा संस्थान, झूलेलाल सेवा समिति, विप्र फाउंडेशन, सिख समाज, मुस्लिम महासंघ, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, अंजुमन तालिमुल इस्लाम, आर्ट एंड क्राफ्ट हेण्डीक्राफ्ट एसोसिएशन, दिगम्बर जैन समाज, लेकसिटी न्यूमिसमेटिक सोसायटी, राजस्थान परिवहन निगम सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ, स्वर्णकार समाज नवयुवक मंडल, एकलिंगनाथ गु्रप, राजस्थानी भाषा संघर्ष समिति, शिक्षक संघ, क्षत्रिय, सिंधी सेन्ट्रल युवा सेवा संगठन, राजस्थान पेंशनर्स समाज, महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक संस्थान, एम स्क्वायर फाउंडेशन, राजस्थान फिल्म सिटी संघर्ष समिति, बीइंग मानव, बिलाली वेलफेयर सोसायटी आदि संस्थान ने अपनी सहमति दी।

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झील प्रेमियों की प्रमुख मांगें

- झीलों को प्रदूषण मुक्त किया जाए
- पेट्रोल-डीजल नावों को संचालन बंद हो

- अवैध जेटियां हटी, सभी सरकारी जेटियों का उपयोग करे

- अलग-अलग होटलों की सभी जेटियां हटी

- नावों व जेटियों की संख्या सीमित होकर सरकारी रिकॉर्ड पर हो

- जिन होटल संचालकों के पास सडक़ मार्ग है, उनका नावों का संचालन बंद किया जाए

- नाव संचालन करते हैं तो उनसे राजस्व वसूला जाए

- झील किनारे वाले होटल उद्यमियों को ही झीलों की सफाई करवाने के लिए पाबंद किया जाए

- सफाई का समस्त शुल्क होटल उद्यमियों से ही वसूला जाए
- रेस्क्यू बोट व गोताखोरों की स्थाई नियुक्ति की जाए

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यह था मामला

राजस्थान पत्रिका ने 9 जनवरी के अंक में पिछोला झील में अवैध जेटियां व पार्टी बोट में शराब व भोजन परोसना का खुलासा कर सिलसिलेवार खबर प्रकाशित कर कई पोलपट्टी खोली थी। अगले दिन नगर निगम व परिवहन विभाग की टीम ने झील का निरीक्षण किया। मौके पर कई नाकारा व अवैध नाव मिली। होटल उदयकोठी व जगत निवास पैलेस की दो पार्टी व होटल आमेट तीन नावों को सीज की कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित किया गया। उसके बाद निगम ने आयुक्त अंकित कुमार वहां होटल लीला पैलेस (लीला वैंचर लिमिटेड) व होटल आमेट हवेली की जेटियों को अवैध मानते उन्हें सीज करने की कार्रवाई की।

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