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उदयसागर से 40 हजार की आबादी को मिल सकता है पेयजल

Krishna Kumar Tanwar

Publish: Sep 14, 2019 19:16 PM | Updated: Sep 14, 2019 19:16 PM

Udaipur

जनवरी से मिलेगा 135 एमसीएफटी पानी, पर शुद्धता पर सवाल

धीरेंद्र जोशी/ उदयपुर . झीलों की नगरी में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। इसकी आबादी की मांग के अनुपात में वर्तमान में हमारे पास आधा ही पानी उपलब्ध है। ऐसे में नए स्रोत ढूंढने की सख्त आवश्यकता है। उदयसागर झील में जनवरी 2020 से ही 135 एमसीएफटी पानी अतिरिक्त उपलब्ध होगा जिससे 40 हजार लोगों को रोज पानी उपलब्ध करवाया जा सकता है मगर इसकी शुद्धता को लेकर सवाल बना हुआ है।सिंचाई विभाग और हिंदुस्तान जिंक के बीच करार के अनुसार दिसंबर 2019 से दिसंबर 2020 तक हिंदुस्तान जिंक को 45 एमसीएफटी पानी ही उठाना है। 180 एमसीएफटी पानी में से इस मात्रा को निकाला जाए तो 135 एमसीएफटी पानी बचता है जिससे शहर की 40 से 45 हजार की आबादी को प्रतिदिन पानी वितरित किया जा सकता है।

पानी की शुद्धता को लेकर सवाल


उदयसागर झील में वर्ष 2017 में और इस मानसून में अच्छी बारिश हुई जिससे दोनों बार झील के गेट खोलने पड़े। इससे भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। झील का लगभग सारा पानी ही नया हो गया है फिर भी इसकी शुद्धता पर सवाल खड़ा है। ऐसे में पानी को उपचारित करने के लिए ट्रिटमेंट प्लांट की आवश्यकता है।

वल्लभनगर, बडग़ांव को दे रहे पानी

उदयसागर से जब भी सप्लाई की बात होती है। इसके पानी को अशुद्ध बता दिया जाता रहा है। बहरहाल इसका पानी वल्लभनगर, बडग़ांव में भी जाता है। साथ ही पूर्ववर्ती सरकार ने इस झील से बागोलिया तालाब को भरने की योजना भी बनाई थी।

हर वर्ष 25 प्रतिशत पानी की कटौती


हिंदुस्तान जिंक को दिए जाने वाले पानी में से गत तीन वर्ष से प्रतिवर्ष 25 प्रतिशत की कटौती हो रही है। दिसंबर 2017 से दिसंबर 2018 तक 135, दिसंबर 2018 से दिसंबर 2019 तक 90 और दिसंबर 2019 से दिसंबर 2020 तक 45 एमसीएफटी पानी ही जिंक उठा सकता है।