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राष्ट्रीय सन्त चिन्मयसागर के देवलोकगमन पर जताया शोक, जैन समाज ने दी विनयांजलि

Vijay Kumar Jain

Publish: Oct 21, 2019 17:13 PM | Updated: Oct 21, 2019 17:13 PM

Tonk

मुनि चिन्मय सागर जंगल वाले बाबा का देवलोक गमन होने पर श्री दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज चरण छतरी धर्मशाला में रविवार को सुबह समाज लोगों ने विनयांजलि दी।

टोंक. मुनि चिन्मय सागर जंगल वाले बाबा का देवलोक गमन होने पर श्री दिगंबर जैन नसिया अमीरगंज चरण छतरी धर्मशाला में रविवार को सुबह समाज लोगों ने विनयांजलि दी। प्रवक्ता पवन कंटान ने बताया कि मुनि जंगल वाले बाबा के नाम से प्रख्यात थे।

कुछ समय से स्वास्थ्य कमजोर होने पर मुनि का श्यम सल्लेखना पूर्वक समता भाव के साथ उत्कृष्ट समाधिमरण कर्नाटक के जुगल गांव में शुकवार शाम देवलोकगमन हुआ। चिन्मयसागर ने देशभर में नशा मुक्ति, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, कन्या भू्रण हत्या अभिशाप अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर समाज के अध्यक्ष धर्मचंदआंडरा, मंत्री पारस चंद, ज्ञानचंद, चंद्रप्रकाश, अंकुर पाटनी, विनीत जैन, सुनील एवं शांतिनाथ सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।

संवेदना व्यक्त कर दी श्रद्धांजलि

निवाई. राष्ट्रीय सन्त मुनि चिन्मय सागर जंगल वाले बाबा का संलेखना पूर्वक समाधिमरण देवलोक गमन हो जाने पर निवाई शहर में शोक की लहर दौड़ गई। जैन समाज के प्रवता विमल जैन ने बताया कि जुगुल कर्नाटक में चातुर्मास के दौरान देवलोक गमन हो जाने पर बड़ा जैन मंदिर अध्यक्ष महावीरप्रसाद गोधा, मंत्री महावीर प्रसाद, विष्णु बोहरा, अग्रवाल मंदिर के अध्यक्ष महावीर प्रसाद जैन, मंत्री अशोक, विमल पाटनी, ज्ञानचन्द सोगानी, अशोक बिलाला, मोहनलाल चंवरिया, ताराचंद बोहरा, धर्मचन्द नेहरू, महेन्द्र चंवरिया, प्रेमचंद आदि ने मुनि के प्रति संवेदना व्यक्त कर दु:ख जताया। इस दौरान अग्रवाल जैन मंदिर में विराजमान आचार्य विभव सागर ने मुनि की जीवनी पर प्रकाश डाला।